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ECB ने Brendon Mccullum को दी बड़ी जिम्मेदारी, टेस्ट के बाद अब वनडे-टी20 में भी घातक होगी इंग्लैंड टीम

Brendon Mccullum: न्यूजीलैंड के तूफानी ओपनर रहे ब्रेंडन मैकुलम को नई जिम्मेदारी मिली है. अब वो इंग्लैंड टीम में टेस्ट के बाद वनडे और टी20 के कोच भी बनाए गए हैं. 1 जनवरी 2025 में भारत के खिलाफ सीरीज से वो सफेद गेंद के फॉर्मेट में कोचिंग करते दिखेंगे.

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ECB ने Brendon Mccullum को दी बड़ी जिम्मेदारी, टेस्ट के बाद अब वनडे-टी20 में भी घातक होगी इंग्लैंड टीम
Courtesy: Twitter

Brendon Mccullum: इंग्लैंड क्रिकेट टीम टेस्ट के बाद वनडे और टी20 में और भी घातक होने वाली है, क्योंकि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने ब्रेंडन मैकुलम को अब सीमित ओवरों के फॉर्मेट में कोच नियुक्त कर दिया है. वे मैथ्यू मॉट की जगह लेंगे, जिनका टी20 विश्व कप 2024 के बाद बतौर कोच कार्यकाल खत्म हो गया था. मैकुलम 1 जनवरी 2025 से इंग्लैंड की वनडे और टी20 टीम में भी 'बैजबॉल' का रंग चढ़ाएंगे.

टेस्ट के बाद वनडे और टी20 में कोचिंग जिम्मेदारी मिलने से ब्रेंडन मैकुलम खुश हैं. उन्होंने कहा 'मैं इस नए चैलेंज को स्वीकार करने को तैयार हूं. मैं कप्तान जोस बटलर के साथ काम करने को उत्साहित हूं और टीम की नींव मजबूत करने के प्रति अभी से फैसले लिए जाने लगे हैं."



कब से चार्ज लेंगे मैकुलम?

मैथ्यू मॉट का कार्यकाल खत्म होने के बाद मार्कस ट्रेसकोथिक इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के अंतरिम कोच हैं. वो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी सीरीज और फिर नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के समय भी कोचिंग करेंगे. मैकुलम के पास 1 जनवरी 2025 से कोचिंग का चार्ज होगा. मैकुलम 2027 तक कोच रहेंगे.

मैकुलम के सामने ये चुनौतियां

ब्रेंडन मैकुलम के सामने तीनों फॉर्मेट का कोच बनने के बाद बड़ी चुनौती आने वाली है. उनके कंधों पर टी20 वर्ल्ड कप 2026, वनडे वर्ल्ड कप 2027, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2027 की जिम्मेदारी है. वो इन टूर्नामेंट्स में इंग्लैंड से अच्छा प्रदर्शन निकलवाने की पुरजोर कोशिश करेंगे.

टेस्ट के बाद वनडे और टी20 में और घातक होगी इंग्लैंड?

मैकुलम की वजह से ही क्रिकेट में 'बैजबॉल' मशहूर हुआ है. बैज इंग्लैंड के कोच ब्रैंडन मैकुलम का उपनाम है. जब वो इस टीम के टेस्ट कोच बने थए तब उन्होंने इंग्लैंड को टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक तरीके से बल्लेबाजी करने की सलाह दी और रणनीति पर काम किया. जिससे इंग्लैंड को फायदा भी मिला. इंग्लैंड की आक्रामक रणनीति को  बैजबॉल नाम दिया गया है. अब माना जा रहा है कि टेस्ट की तरह लिमिटेड ओवर क्रिकेट में भी इंग्लैंड के खिलाड़ियों को आक्रामकता देखने को मिलेगी.