BGT को लेकर BCCI का स्पेशल प्लान! अब ODI नहीं सिर्फ टेस्ट पर पूरा फोकस, WTC 2027 के फाइनल पर बोर्ड की नजर

रिपोर्ट्स की मानें तो बोर्ड चाहता है कि बुमराह आगामी सत्र में ज्यादातर टेस्ट मैच खेलें. हालांकि बोर्ड उनके वर्कलोड मैनेजमेंट को भी ध्यान में रखेगी, क्योंकि उनकी गेंदबाजी शैली शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती है, इसलिए उनके उपयोग को लेकर सावधानी बरती जा रही है.

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Meenu Singh

नई दिल्ली: पिछले महीने भारतीय टीम ने टी20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया था. उस टूर्नामेंट के बाद से अब बीसीसीआई आगामी आईसीसी टूर्नामेंट का रोडमैप तैयार करने में जुट गई है. अब बीसीसीआई, टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं की नजर आने वाले टेस्ट और वनडे टूर्नामेंट्स पर है, जहां सबसे बड़ा सवाल स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड को संतुलित रखने का है. उनकी फिटनेस और उपलब्धता आने वाले अभियानों की सफलता तय कर सकती है.

रिपोर्ट्स की मानें तो बोर्ड चाहता है कि बुमराह आगामी सत्र में ज्यादातर टेस्ट मैच खेलें. हालांकि बोर्ड उनके वर्कलोड मैनेजमेंट को भी ध्यान में रखेगी, क्योंकि उनकी गेंदबाजी शैली शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती है, इसलिए उनके उपयोग को लेकर सावधानी बरती जा रही है. अब बीसीसीआई के एक सूत्र ने इस बात का खुलास किया है कि बोर्ड  बुमराह को सभी टेस्ट मैचों के लिए फिट रखना चाहती है.

बुमराह के वर्कलोड पर खास नजर

BCCI के एक सूत्र ने बताया कि, 'टीम प्रबंधन की कोशिश है कि बुमराह पूरे टेस्ट सीजन में फिट रहें. श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले चार टेस्ट मैचों में उनके खेलने की उम्मीद है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) सीरीज के लिए उन्हें पूरी तरह तरोताजा रखना टीम की प्राथमिकता होगी.

इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह टेस्ट प्रारूप में भारतीय टीम का प्रदर्शन है. क्योंकि टेस्ट प्रारूप में टीम इंडिया के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई है. टीम इंडिया ने इस WTC 2025-2-027 साइकल में 9 मैच खेले हैं जिनमें से टीम को महज 4 मैच में ही जीत मिली और बाकि के 4 मैच में टीम को हार का सामना करना पड़ा है. इसके साथ ही टीम WTC 2025-27 पॉइंट्स टेबल में  छठवें पायदान पर है. 

वनडे और टी20 में सीमित भूमिका

इसके अलावा सूत्र ने आगे बताया कि चयनकर्ता बुमराह को BGT से पहले कुछ वनडे सीरीज से आराम देने के पक्ष में हैं. वहीं टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनकी भागीदारी बहुत सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि अगला बड़ा टी20 टूर्नामेंट अभी दूर है.

टेस्ट क्रिकेट पर फोकस

टीम मैनेजमेंट ने साफ किया है कि फिट खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट के लिए उपलब्ध रहें, यह बेहद जरूरी है. अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला टेस्ट भले ही WTC साइकल का हिस्सा न हो, लेकिन इसे तैयारी के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ हुए 2 मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज भारतीय टीम क्लीन स्वीप थी.