नई दिल्ली: आईसीसी के आगामी टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एक बार फिर अपनी स्थिति साफ कर दी है. बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल ने कहा है कि भारत में मैच खेलने को लेकर बोर्ड ने जो चिंताएं जताई थीं, उस पर अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है. ऐसे में बांग्लादेश का रुख पहले जैसा ही बना हुआ है.
टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 7 फरवरी से होनी है और यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है. बांग्लादेश की टीम को अपने ग्रुप के कई मुकाबले भारत में खेलने हैं लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बीसीबी भारत का दौरा करने को लेकर सहज नहीं है. बीसीबी का मानना है कि मौजूदा हालात में भारत में खेलना खिलाड़ियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है.
बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बोर्ड ने अपनी चिंताओं से जुड़े सभी सबूत और दस्तावेज ICC को भेज दिए हैं. इसके बावजूद अब तक कोई जवाब नहीं आया है.
उनका कहना था कि सिर्फ भारत के अंदर ही किसी दूसरे शहर में मैच शिफ्ट करने से समस्या का समाधान नहीं होगा क्योंकि आखिरकार वह स्थान भारत में ही होगा. बीसीबी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में कोई एकतरफा फैसला नहीं लिया जा सकता और उन्हें अपनी सरकार के निर्देशों का पालन करना होगा.
हाल के दिनों में यह चर्चा भी थी कि बांग्लादेश के मैच हैदराबाद या चेन्नई में कराए जा सकते हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बुलबुल ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी जानकारी की जानकारी नहीं है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है.
विवाद और अनिश्चितता के बीच बीसीबी अध्यक्ष ने अपनी टीम की क्षमता पर पूरा भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने पहले भी बड़े टूर्नामेंट्स में अच्छा प्रदर्शन किया है और उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में टीम के पास अच्छा करने का पूरा मौका है.
उनके मुताबिक बांग्लादेश अब विश्व क्रिकेट में एक मजबूत टीम बन चुकी है और अगर हालात अनुकूल रहे तो टीम वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है.
फिलहाल बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ICC के जवाब का इंतजार कर रहा है. जब तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं आता, तब तक बीसीबी अपने पहले से तय रुख पर कायम रहेगा. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ICC इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या निर्णय लेता है.