नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच राजनीतिक और सामाजिक तनाव का असर अब क्रिकेट के मैदान तक पहुंच गया है. हाल के दिनों में बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय को निशाना बनाने और उन पर होने वाले हमलों की खबरों के बाद यह विवाद और बढ़ गया. इसी कड़ी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने BCCI के निर्देश पर बांग्लादेशी ऑलराउंडर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया. इस फैसले के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने तुरंत कदम उठाते हुए ICC और BCCI को पत्र लिखा और अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा संबंधी स्थिति के बारे में जानकारी लेने का निर्णय किया.
इस बीच बांग्लादेश के कार्यवाहक खेल मंत्री आसिफ नजरूल ने भी स्पष्ट बयान दिया है. उन्होंने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से कहा कि टी-20 विश्व कप खेलने के लिए बांग्लादेश की क्रिकेट टीम भारत नहीं जाएगी. उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड की हिंसक और सांप्रदायिक नीति के चलते यह फैसला लिया गया है और इस निर्णय का हम स्वागत करते हैं.
आसिफ नजरूल ने अपने पोस्ट में मुस्तफिजुर रहमान को KKR द्वारा रिलीज किए जाने की निंदा भी की. उन्होंने लिखा कि मैं खेल मंत्रालय के जिम्मेदार सलाहकार के तौर पर BCB को बता चुका हूं कि जहां एक खिलाड़ी अनुबंध होने के बावजूद भारत में सुरक्षित नहीं खेल सकता, वहां पूरी टीम वर्ल्ड कप के लिए भारत में सुरक्षित महसूस नहीं कर सकती है. उन्होंने BCB से ICC के सामने अनुरोध करने को कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट टीम के मैच श्रीलंका में करवाए जाएं ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में किया जाना है. बांग्लादेश ने अपने स्क्वाड का ऐलान कर दिया है और कप्तानी की जिम्मेदारी लिटन दास को सौंपी गई है. आगामी टूर्नामेंट में बांग्लादेश का पहला मुकाबला 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ होगा, इसके बाद 9 फरवरी को इटली, 14 फरवरी को इंग्लैंड और 17 फरवरी को नेपाल से मुकाबला खेला जाएगा. बांग्लादेश की टीम को तीन मैच कोलकाता और एक मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेलना है.
हालांकि, टूर्नामेंट से सिर्फ एक महीना पहले ICC द्वारा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की इस मांग को स्वीकार करना मुश्किल दिखाई देता है. फिर भी बांग्लादेश की सरकार और BCB खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है. यह विवाद क्रिकेट फैंस और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत की नजरें बांग्लादेश की सुरक्षा नीति और भारत में खेल आयोजन की तैयारी पर बनाए हुए है.