Asia Cup 2025: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने सोमवार को लोकसभा में एक गंभीर मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की. उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए आगामी 'एशिया कप 2025' में दोनों देशों के बीच क्रिकेट मैच से बचने की मांग की. यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान 9 से 28 सितंबर 2025 तक यूएई में होने वाले एशिया कप में आमने-सामने होंगे. सावंत ने इस दौरान भारत की विदेश नीति और पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों पर सवाल उठाए, जिसने एक बार फिर दोनों देशों के बीच क्रिकेट डिप्लोमेसी को चर्चा में ला दिया.
लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमलों और ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष बहस के दौरान सावंत ने भारत के उस फैसले पर सवाल उठाया, जिसमें बिना किसी शर्त के पाकिस्तान के साथ युद्धविराम लागू किया गया था. उन्होंने कहा, "जब पाकिस्तान युद्धविराम की मांग कर रहा था, तब भारत ने बिना शर्त युद्ध रोक दिया." सावंत का यह बयान भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण इतिहास और सीमा पर होने वाली घटनाओं को रेखांकित करता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक सीमा पर शांति और स्थिरता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक खेल जैसे मंचों पर दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं होने चाहिए.
क्रिकेट डिप्लोमेसी पर सवाल
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट हमेशा से भावनाओं और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा रहा है. सावंत ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में क्रिकेट जैसे खेल आयोजनों में भाग लेना उचित नहीं है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे और सीमा पर तनाव को देखते हुए क्रिकेट जैसे खेल आयोजनों पर पुनर्विचार करे. उनका यह बयान खेल और राजनीति के बीच जटिल रिश्ते को दर्शाता है, जो अक्सर दोनों देशों के बीच चर्चा का विषय बनता है.
भविष्य में क्या होगा?
एशिया कप 2025 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, और भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला हमेशा की तरह सुर्खियों में रहेगा. सावंत का यह बयान न केवल क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनेगा, बल्कि यह भारत की विदेश नीति और खेल डिप्लोमेसी पर भी गहरे सवाल खड़े करता है. क्या भारत इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा, या सरकार सावंत के सुझाव पर विचार करेगी? यह सवाल अभी अनुत्तरित है.