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विश्व कप जीतने की दहलीज पर अर्जेंटीना, उधर हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई टेंशन; जानें क्या है कनेक्शन

फीफा विश्व कप के दौरान अर्जेंटीना के फैंस की संख्या अस्पतालों में लगातार बढ़ रही है. अर्जेंटीना के फाइनल में पहुंचने और टीम के रोमांचक मैच के बाद अस्पताल में हृदय संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ गई. डॉक्टरों ने तनाव को इसकी बड़ी वजह बताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
विश्व कप जीतने की दहलीज पर अर्जेंटीना, उधर हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई टेंशन; जानें क्या है कनेक्शन
Courtesy: ANI

फीफा विश्व कप 2026 में अर्जेंटीना के शानदार प्रदर्शन ने देशभर में जश्न का माहौल बना दिया है. टीम को 20 तारीख की रात 12:30 बजे स्पेन के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेलना है. लेकिन उससे पहले अर्जेंटीन के फैंस को लेकर एक चिंता भरी खबर सामने आ रही है. लगातार तनावपूर्ण मुकाबलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है. 

फुटबॉल प्रशंसक इस खेल से इतने जुड़े हुए हैं कि ऐसे मैच अक्सर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं को जन्म दे सकते हैं, जैसा कि अर्जेंटीना में देखा गया. अर्जेंटीना के डॉक्टर एलन सिगल के अनुसार, खेलों के बाद तनाव से संबंधित हृदय संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में अस्पतालों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है.

रोमांचक मुकाबलों का दिखा स्वास्थ्य पर असर

अर्जेंटीना ने नॉकआउट स्टेज में कई मुकाबले पिछड़ने के बाद जीते. उन रोचक मुकाबलों का असर उनके फैंस पर भी पड़ा. सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मिनटों में मिली जीत ने प्रशंसकों का उत्साह चरम पर पहुंचा दिया था. लेकिन इसी रोमांच का असर कई लोगों की सेहत पर भी पड़ा. डॉक्टरों के अनुसार भावनात्मक तनाव ने कई मरीजों की स्थिति बिगाड़ दी.

अस्पतालों में बढ़े हृदय रोग के मरीज

अर्जेंटीना के डॉक्टर एलन सिगल ने बताया कि मैच खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में लोग सीने में दर्द, तेज धड़कन, उच्च रक्तचाप और अनियमित धड़कन जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंचे. उनका कहना है कि ऐसे अधिकांश मामले मैच के दौरान महसूस हुए मानसिक दबाव और भावनात्मक तनाव से जुड़े थे.

सेमीफाइनल के बाद सामने आए चिंताजनक आंकड़े

टुकुमान प्रांत के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सेमीफाइनल के दौरान दो लोगों को दिल का दौरा पड़ा. पूरे टूर्नामेंट में ऐसे मामलों की संख्या 35 तक पहुंच गई. अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मैच के दौरान 30 से अधिक आपातकालीन कॉल मिलीं. इनमें ज्यादातर शिकायतें हृदय संबंधी थीं.

विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह

स्वास्थ्य मंत्री लुइस मेडिना रुइज ने कहा कि ज्यादा तनाव का असर सीधे दिल पर पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि एक मरीज को समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई. डॉक्टरों ने सलाह दी है कि यदि मैच देखते समय सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या दिल की धड़कन तेज महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए.