Argentina vs Austria: सोमवार की रात डलास स्टेडियम में खेले गए ग्रुप J के अहम मुकाबले में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराकर न सिर्फ तीन अंक हासिल किए. लगातार छठी बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट दौर में भी जगह बना ली. इस जीत का पूरा श्रेय जाता है अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी को, जिन्होंने पेनल्टी चूकने के बावजूद दो गोल दागे और एक बार फिर साबित किया कि वे किसी भी मुश्किल में टीम को अकेले जीत दिला सकते हैं.
मैच के पहले हाफ में मेसी ने बॉक्स के किनारे पर टीम के शानदार तालमेल का फायदा उठाते हुए गोल दागा और वर्ल्ड कप इतिहास में सत्रह गोल के साथ सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए. इससे पहले यह रिकॉर्ड जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़ के नाम था, जिन्होंने अपने पूरे करियर में सोलह गोल किए थे. अड़तीस साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना मेसी की महानता को और भी ऊंचाई पर ले जाता है.
मैच के दौरान मेसी को एक पेनल्टी मिली, जिसे वे गोल में नहीं बदल पाए. किसी भी खिलाड़ी के लिए यह पल निराशाजनक होता है लेकिन मेसी ने इसे अपने मनोबल पर हावी नहीं होने दिया. वे मैदान पर डटे रहे और अपनी टीम के लिए लड़ते रहे. यही जज्बा उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है.
दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में मेसी ने एक बार फिर गोल दागा और इस टूर्नामेंट में अपने कुल गोलों की संख्या पांच तक पहुंचा दी. इस गोल ने मैच पर अर्जेंटीना की पकड़ को और मजबूत कर दिया और ऑस्ट्रिया की वापसी की हर उम्मीद खत्म कर दी. दो मैचों में छह अंक के साथ अर्जेंटीना ग्रुप J में सबसे आगे है और नॉकआउट के लिए तैयार है.
इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने लगातार छठी बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में जगह बनाई, जो अपने आप में एक शानदार उपलब्धि है. डिफेंडिंग चैंपियन का यह अभियान अब और भी मजबूत दिखने लगा है. मेसी के रूप में टीम के पास एक ऐसा खिलाड़ी है जो रिकॉर्ड तोड़ता है, इतिहास बनाता है और टीम को जीत दिलाता है.