French Open: फ्रेंच ओपन 2026 में एक रोमांचक मुकाबले के बाद शुरू हुआ विवाद अब पूरे टेनिस जगत में चर्चा का विषय बन गया है. पराग्वे के खिलाड़ी एडोल्फो वैलेजो ने हार के बाद महिला चेयर अंपायर को लेकर विवादित बयान दिया. टूर्नामेंट प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और खिलाड़ी पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया.
रोलां गैरो में खेले गए दूसरे दौर के मुकाबले में एडोल्फो वैलेजो का सामना फ्रांस के युवा खिलाड़ी मोइसे कुआमे से हुआ. शुरुआती दो सेट जीतने के बाद वैलेजो मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे थे और जीत लगभग तय मानी जा रही थी. घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच कुआमे ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले का रुख बदल दिया. करीब पांच घंटे तक चले इस मैच में फ्रांसीसी खिलाड़ी ने 6-3, 7-5, 3-6, 2-6, 7-6 से जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बना ली. हार के बाद वैलेजो का गुस्सा खुलकर सामने आया.
मुकाबले के बाद मीडिया से बातचीत में वैलेजो ने चेयर अंपायर एना कार्वाल्हो के कामकाज पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े मैच को संभालने के लिए पुरुष अंपायर बेहतर रहते हैं. उनका आरोप था कि मैच के दौरान दर्शकों को नियंत्रित नहीं किया गया और विरोधी खिलाड़ी को अतिरिक्त समय भी मिलता रहा.
वैलेजो की टिप्पणी सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया की बाढ़ आ गई. कई पूर्व खिलाड़ियों, खेल विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने इसे महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण सोच करार दिया.
मामला बढ़ने के बाद फ्रेंच ओपन प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई की. टूर्नामेंट निदेशक एमिली मौरेस्मो ने स्पष्ट कहा कि टेनिस में ऐसी टिप्पणियों के लिए कोई स्थान नहीं है. इसके बाद वैलेजो पर 65,000 यूरो का जुर्माना लगाया गया, जो उनकी अर्जित पुरस्कार राशि का बड़ा हिस्सा माना जा रहा है. दूसरी ओर, 17 वर्षीय मोइसे कुआमे अपनी शानदार जीत और लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के कारण टूर्नामेंट के उभरते सितारे बनकर सामने आए हैं.