Heat Stroke-Food Poisoning: भीषण गर्मी की वजह से कई तरह की बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है. तपती गर्मी के वजह से आपके पाचन तंत्र पर भी बुरा असर पड़ सकता है. गर्मी की वजह से डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस और डाइट में बदलाव आपके पेट की हेल्थ के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. चिलचिलाती गर्मी के वजह से हीट स्ट्रोक या फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन लोग इन दोनों के बीच का अंतर नहीं समझ पाते हैं. बता दें, गर्मी के दौरान होने वाले हीट स्ट्रोक और फूड पॉइजनिंग दोनों अलग होते हैं.
आयशा हेल्थ क्लीनिक के चीफ डॉक्टर शाहिद अख्तर बताते हैं कि, गर्मी में हीट स्ट्रोक और फूड पॉइजनिंग सेहत के लिए बेहद खतरनाक है. हीट स्ट्रोक के दौरान शरीर का हाई टेंपरेचर, बेहोश होना, ड्राई स्किन और दिल की धड़कन तेज होना जैसे लक्षण शामिल हैं. वहीं, फूड पॉइजनिंग में मतली, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कभी-कभी बुखार जैसे लक्षण नजर आते हैं. हीट स्ट्रोक के दौरान शरीर का तापमान बढ़ने के बाद भी पसीना नहीं आता है.
डॉ. शाहिद बताते हैं कि गर्मी में होने वाली बीमारियों का ज्यादा खतरा छोटे बच्चे, बुजुर्गों और दिल, लिवर और किडनी के मरीज को होता है. एक्सपर्ट के मुताबिक शरीर का तापमान को कंट्रोल न करने की वजह से हीट स्ट्रोक, ऑर्गन फेल्योर और मौत का खतरा हो सकता है.
डॉ. शाहिद बताते हैं कि तपती गर्मी में इन गंभीर बीमारी से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि गर्मी में दोपहर के समय बाहर न निकलें और शरीर को ठंडा रखने के लिए घर के अंदर कूलर या एसी का इस्तेमाल करें. जो लोग गंभीर बीमारी जैसे की दिल, लिवर और किडनी समस्या का सामना कर रहे हैं वह गर्मी के मौसम में अपना खास ख्याल रखें.
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