वॉशरूम से कटेगा सीधा ऊपर का टिकट! टॉयलेट सीट पर फोन चलाने से कहीं आप भी तो नहीं दे रहे इन बीमारियों को दावत

टॉयलेट में मोबाइल चलाने की आदत आज आम हो गई है लेकिन यह आदत शरीर को कई गंभीर बीमारियों की तरफ धकेल सकती है. रिसर्च में सामने आया है कि इससे पाइल्स, पाचन समस्या, बैक्टीरिया संक्रमण और मानसिक तनाव का खतरा बढ़ जाता है.

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Babli Rautela

आज के समय में मोबाइल फोन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले मोबाइल देखा जाता है और रात को सोने से पहले भी आखिरी नजर उसी पर जाती है. सोशल मीडिया और रील देखने की आदत इतनी बढ़ गई है कि लोग कुछ मिनट भी फोन से दूर नहीं रह पाते. यही वजह है कि अब लोग टॉयलेट जाते समय भी मोबाइल साथ ले जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वहां बिताने लगते हैं.

टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत पर कई रिसर्च की जा चुकी हैं. इन रिसर्च में यह सामने आया है कि जो लोग टॉयलेट सीट पर ज्यादा देर तक बैठकर मोबाइल चलाते हैं उनमें पाचन से जुड़ी समस्याएं ज्यादा पाई जाती हैं. खासकर कब्ज और पाइल्स की शिकायत ऐसे लोगों में आम देखी गई है.

पाइल्स होने का खतरा तेजी से बढ़ता है

टॉयलेट सीट पर लंबे समय तक बैठे रहने से रेक्टम पर लगातार दबाव पड़ता है. यह दबाव धीरे धीरे नसों को कमजोर कर देता है. इसी वजह से पाइल्स होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. मोबाइल चलाते समय ध्यान बंटा रहता है और व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि वह कितनी देर से बैठा है. इससे पेट पर भी दबाव पड़ता है और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है.

मांसपेशियों और हड्डियों पर पड़ता है असर

टॉयलेट में मोबाइल चलाने की आदत सिर्फ पेट तक सीमित नहीं रहती. मोबाइल देखने के लिए गर्दन झुकानी पड़ती है जिससे गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर ज्यादा बोझ पड़ता है. लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से मांसपेशियों में दर्द और जकड़न होने लगती है. इससे रीढ़ की हड्डी पर भी बुरा असर पड़ता है. जिन लोगों को पहले से पीठ या कमर की समस्या है उन्हें इससे ज्यादा नुकसान हो सकता है.

सर्वाइकल और सिरदर्द की समस्या

मोबाइल देखने के लिए लगातार सिर झुकाए रखने से सर्वाइकल की समस्या होने का खतरा रहता है. टॉयलेट में एक ही पोजीशन में देर तक बैठने से गर्दन और सिर के ऊपरी हिस्से पर ज्यादा दबाव पड़ता है. कई बार इसकी वजह से तेज सिरदर्द गर्दन दर्द और चक्कर जैसी परेशानी भी हो सकती है.

मोबाइल को टॉयलेट में ले जाना सेहत के लिए सबसे खतरनाक आदतों में से एक है. टॉयलेट में मौजूद बैक्टीरिया आसानी से मोबाइल की सतह पर चिपक जाते हैं. बाद में वही मोबाइल हाथ मुंह और चेहरे के संपर्क में आता है जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. कई स्टडी में पाया गया है कि टॉयलेट में इस्तेमाल किया गया मोबाइल सामान्य मोबाइल की तुलना में ज्यादा गंदा होता है.

पेट पूरी तरह साफ नहीं हो पाता

जब कोई व्यक्ति टॉयलेट में मोबाइल चलाता है तो उसका ध्यान शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया से हट जाता है. शरीर और दिमाग का आपस में गहरा संबंध होता है. दिमाग के संकेत मिलने पर ही शरीर विषैले तत्वों को बाहर निकालता है. जब दिमाग मोबाइल में व्यस्त रहता है तो यह प्रक्रिया पूरी तरह नहीं हो पाती. इससे पेट पूरी तरह साफ नहीं होता और अंदर गंदगी जमा रहने लगती है.