नई दिल्ली: तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख थलपति विजय के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद राज्य में प्रशासनिक फेरबदल और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम तेज गति से शुरू हो गया है. इसी कड़ी में राजधानी चेन्नई में अपराधियों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ बड़ा और प्रभावी एक्शन देखने को मिला है. ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर शहर के विभिन्न इलाकों से करीब 100 खूंखार अपराधियों (राउडी) को सलाखों के पीछे भेज दिया है.
ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने इस ऑपरेशन के पूरे होने के बाद इसकी आधिकारिक जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा की है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने चुनावी दौरों और जनसभाओं में राज्य की जनता से यह वादा किया था कि वे सरकार में आते ही आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाएंगे. पुलिस के इस आक्रामक एक्शन को अब मुख्यमंत्री के उसी संकल्प से जोड़कर देखा जा रहा है.
इस समय ग्रेटर चेन्नई पुलिस की कमान अनुभवी और तेजतर्रार कमिश्नर अभिन दिनेश मोदक के हाथों में है. वर्ष 1997 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मोदक ने चुनाव आयोग के कड़े निर्देशों के बाद अप्रैल 2026 में चेन्नई पुलिस कमिश्नर का महत्वपूर्ण कार्यभार संभाला था. उनके कुशल नेतृत्व में ही पुलिस टीमों ने शहर में सक्रिय आपराधिक गिरोहों और बदमाशों की सूची तैयार की और एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया.
आपको बता दें कि चेन्नई सिटी पुलिस को तकनीकी रूप से ग्रेटर चेन्नई पुलिस के नाम से जाना जाता है, जिसके नियंत्रण में पूरा चेन्नई मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र आता है. इस विस्तृत अधिकार क्षेत्र में चेन्नई मुख्य शहर के अलावा चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिले के वे सभी हिस्से आते हैं, जो ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन की सीमा में शामिल हैं. इस पूरे बड़े सुरक्षा घेरे के अंतर्गत 120 से भी अधिक पुलिस स्टेशन काम करते हैं, जिन्हें चार प्रमुख ज़ोन में बांटा गया है.
चेन्नई में हुई इस ताबड़तोड़ पुलिसिया कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा बेहद आम हो गई है कि थलपति विजय की नई सरकार आने वाले दिनों में अपराधियों के खिलाफ 'ऑपरेशन क्लीन' अभियान को और ज्यादा तेज करने वाली है. मुख्यमंत्री ने पदभार ग्रहण करते ही स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्य में किसी भी तरह के अपराध को फलने-फूलने नहीं देंगे. इस कार्रवाई से आम जनता ने भी राहत की सांस ली है.
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विशेष तौर पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और युवाओं को बर्बाद कर रहे नशीली दवाओं (ड्रग्स) के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है. इसके लिए उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष 'लायन वुमन टास्क फोर्स' और प्रत्येक जिले में ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए एक विशेष 'एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स' के गठन का बड़ा आदेश जारी किया है.