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जल्द मार्केट में आएगी मोटापा कम करने के लिए भारत की पहली दवा, ट्रायल हुआ सफल

भारत की पहली मोटापा कम करने वाली दवा ने शुरुआती ट्रायल में शानदार नतीजे दिए हैं. मेनोपॉज के बाद की महिलाओं में वजन घटाने, लिवर फैट कम करने और मेटाबॉलिक सुधार में यह दवा काफी प्रभावी साबित हुई है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: भारत में मोटापा कम करने के लिए बनाई जा रही पहली दवा यूट्रिगलूटाइड ने अपने शुरुआती ट्रायल में बेहद अच्छे नतीजे दिखाए हैं. यह दवा सन फार्मा द्वारा विकसित की जा रही है और इसे मोटापा तथा टाइप 2 डायबिटीज के इलाज के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है. इस हफ्ते अमेरिका के न्यू ऑरलियन्स में हुए अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के साइंटिफिक सेशन में इस दवा के फेज 1a और 2b ट्रायल के नतीजे पेश किए गए. 

रिपोर्ट के अनुसार यह दवा मेनोपॉज के बाद वाली महिलाओं में वजन घटाने और मेटाबॉलिक सुधार में काफी प्रभावी साबित हुई है. यूट्रिगलूटाइड उसी दवा समूह की है जिसमें मोनजारो और विगोवी शामिल हैं. ये दोनों दवाएं दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हुई हैं और भारत में भी इनकी मांग काफी ज्यादा है. 

कैसे काम करती है दवा?

यह दवाएं GLP 1 रिसेप्टर एगोनिस्ट होती हैं जो शरीर में भूख को कम करने वाले हार्मोन की तरह काम करती हैं. इसी वजह से वजन घटाने में काफी मदद मिलती है. ट्रायल में सामने आया कि यूट्रिगलूटाइड लेने वाली महिलाओं में सिर्फ वजन ही नहीं घटा बल्कि उनके ब्लड प्रेशर, लिवर फैट और इंसुलिन सेंसिटिविटी में भी सुधार दिखाई दिया. 

सन फार्मा के चेयरमैन ने क्या बताया?

इसके साथ ही सीरम यूरिक एसिड में कमी देखी गई जो मेटाबॉलिक सुधार का एक महत्वपूर्ण संकेत है. सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप सांघवी ने कहा कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं में मोटापा और मेटाबॉलिक लिवर डिजीज तेजी से बढ़ रही है और ऐसे में यह शुरुआती नतीजे उम्मीद देने वाले हैं.

ट्रायल में क्या आया सामने?

ट्रायल में 52 से 69 साल की 14 हफ्ते तक दवा लेने वाली महिलाओं का औसतन 8 प्रतिशत वजन कम हुआ और यह असर 17वें हफ्ते तक बना रहा. वहीं प्लेसबो लेने वालों का वजन सिर्फ 2.1 से 1.2 प्रतिशत तक ही कम हुआ. 76 प्रतिशत महिलाओं का वजन 5 प्रतिशत से ज्यादा घटा जबकि 25 प्रतिशत महिलाओं का वजन 10 प्रतिशत से ज्यादा कम हुआ. 

कैसा है इसका साइड इफेक्ट?

साइड इफेक्ट की बात करें तो इसमें भूख कम लगना, जल्दी पेट भरना, मतली और उलटी जैसे लक्षण दिखाई दिए जो सामान्य माने जाते हैं. ट्रायल टीम के डॉ रोहित लूंबा ने कहा कि यूट्रिगलूटाइड के नतीजे बेहद उत्साहजनक हैं. अगर मंजूरी की प्रक्रिया सुचारू रही तो यह दवा जल्द ही बाजार में आ सकती है.

Disclaimer: इन जानकारियों की theindiadaily.com पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ या डॉक्टर्स से सलाह अवश्य लें.