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बच्चों को ठंड लग रही है या नहीं? जानिए बहुत आसान तरीका, पैरेंट्स हैं तो जरुर जानें

सर्दियों में बच्चों का शरीर ठंड को जल्दी पकड़ लेता है, खासकर नवजात और छोटे बच्चों का. ऐसे में माता-पिता के लिए यह जानना जरूरी है कि बच्चे को ठंड लग रही है या नहीं.

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Reepu Kumari

सर्दी का मौसम शुरू होते ही बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है. कई बार बच्चे बोल नहीं पाते कि उन्हें ठंड लग रही है या नहीं. माता-पिता अक्सर बच्चे के हाथ-पैर या नाक छूकर अंदाजा लगाते हैं, लेकिन यह हमेशा सही तरीका नहीं होता. विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे की ठंड का सही पता उसके पेट या गर्दन के पीछे से लगाया जा सकता है, जो शरीर का तापमान सबसे सटीक रूप से बताता है. यदि बच्चे की गर्दन या पेट छूने पर ठंडी लगे तो समझ जाएं कि उसे ठंड लग रही है और तुरंत गर्म कपड़े पहनाएं.

वहीं, अगर ये हिस्से गर्म हैं लेकिन पसीना आ रहा है, तो ज्यादा कपड़े उतार दें ताकि बच्चा अधिक गर्मी से परेशान न हो. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को हमेशा दो से तीन लेयर के हल्के कपड़े पहनाएं और कमरे का तापमान संतुलित रखें. इससे सर्दी-जुकाम और ठंड से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है.

हाथ-पैर ठंडे होना जरूरी नहीं ठंड लगने का संकेत है

सर्दियों में अक्सर बच्चों के हाथ-पैर ठंडे रहते हैं. कई बार बच्चे के हाथ-पैर ठंडे रहने कारण माता पिता परेशान होने लगते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसे ठंड लग रही है. ये शरीर के तापमान को संतुलित करने की प्राकृतिक प्रक्रिया है. 


गर्दन और पेट से करें तापमान की जांच

गर्दन और पेट बच्चे के शरीर का सबसे सही तापमान बताते हैं. इन्हें छूकर आसानी से ठंड या गर्मी का अंदाजा लगाया जा सकता है.

ओवर ड्रेसिंग से भी हो सकता है नुकसान

बच्चों को ज्यादा कपड़े पहनाने से शरीर में पसीना और जलन हो सकती है. इससे उन्हें सर्दी की बजाय गर्मी लग सकती है.

सही कमरे का तापमान बनाए रखें

कमरे का तापमान 22 से 24 डिग्री के बीच रखना आदर्श माना जाता है. बहुत ठंडा या बहुत गर्म माहौल दोनों ही बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.

Disclaimer: यहा गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.