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'हार्ट अटैक ऐसा है जैसे पाइप ब्लॉक हो गया हो', मुंबई के सर्जन ने समझाया हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का फर्क

मुंबई के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मनन वोरा ने हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच का अंतर बेहद सरल तरीके से समझाया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'हार्ट अटैक ऐसा है जैसे पाइप ब्लॉक हो गया हो', मुंबई के सर्जन ने समझाया हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का फर्क
Courtesy: social media

मुंबई: दिल से जुड़ी बीमारियां अचानक आती हैं और अगर समय पर सही कदम न उठाया जाए तो जानलेवा साबित हो सकती हैं. अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों पूरी तरह अलग स्थितियां हैं.

मुंबई के ऑर्थोपेडिक सर्जन और हेल्थ एजुकेटर डॉ. मनन वोरा ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में दोनों के बीच फर्क को बेहद आसान भाषा में समझाया है और बताया है कि कौन सी स्थिति में क्या करना चाहिए ताकि समय रहते किसी की जान बचाई जा सके.

हार्ट अटैक क्या है?

डॉ. वोरा के अनुसार, जब दिल की रक्त वाहिकाएं ब्लॉक हो जाती हैं और खून दिल के कुछ हिस्सों तक नहीं पहुंच पाता, तो यह हार्ट अटैक कहलाता है. उन्होंने कहा, 'हार्ट अटैक एक ब्लॉक पाइप की तरह है, जहां खून का प्रवाह रुक जाता है. मरीज को सीने में दर्द, चक्कर और उलझन महसूस होती है, लेकिन वह अभी भी सांस ले रहा होता है और होश में रहता है.' ऐसे में तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी होता है ताकि दिल को नुकसान से बचाया जा सके.

कार्डियक अरेस्ट कब होता है?

कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक से बिल्कुल अलग है. इसे डॉ. वोरा ने 'घर की बिजली अचानक चली जाने' से तुलना की है. उन्होंने बताया, 'कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है, जिससे खून का प्रवाह पूरी तरह रुक जाता है.' ऐसी स्थिति में मरीज तुरंत बेहोश होकर गिर जाता है और सांस लेना बंद कर देता है. डॉक्टर ने कहा कि ऐसे वक्त में CPR या डिफिब्रिलेटर का इस्तेमाल ही व्यक्ति की जान बचा सकता है.

आपात स्थिति में क्या करें?

डॉ. वोरा ने बताया कि अगर किसी को सीने में दर्द या चक्कर आ रहे हैं, तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं, क्योंकि यह हार्ट अटैक हो सकता है. लेकिन अगर व्यक्ति अचानक गिर जाए और सांस न ले रहा हो, तो वह कार्डियक अरेस्ट है और ऐसे में हर सेकंड कीमती होता है. उन्होंने सलाह दी कि तुरंत CPR देना शुरू करें और डिफिब्रिलेटर उपलब्ध हो तो उसका प्रयोग करें. सही और त्वरित कार्रवाई ही जान बचाने की कुंजी है.

दिल की बीमारियों को लेकर जागरूकता जरूरी

डॉ. वोरा ने जोर देकर कहा कि हार्ट से जुड़ी मेडिकल इमरजेंसी में ज्ञान और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है. अक्सर लोगों की गलतफहमी या देर से कदम उठाने के कारण मौतें हो जाती हैं. इसलिए यह जानना जरूरी है कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट दो अलग स्थितियां हैं. डॉक्टर ने कहा कि सही जानकारी और थोड़ी-सी जागरूकता से न सिर्फ हम अपनी बल्कि दूसरों की भी जान बचा सकते हैं.

नोट- यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है. यह किसी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है, जिसकी इंडिया डेली स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.