Women's Health Issue: महिला को जन्म के बाद जीवन में कई चुनौतियाें का सामना करना पड़ता है. महिलाओं को शारीरिक और मानसिक क्षमता की भी मुश्किल परीक्षा का सामना करना पड़ता है. यह परीक्षा प्यूबर्टी से शुरू हो जाती है. उसके बाद प्रेग्नेंसी के दौरान सबसे मुश्किल मानसिक परीक्षा से गुजरना होता है और मेनोपॉज में नई चुनौती सामने आ जाती हैं.
ऐसे में एक लड़की, एक महिला इन मुश्किल मानसिक चुनौतियों का सामना करने से पहले या दौरान कुछ बातों का जान लें तो बेहद आसानी हो सकती है. आइए जानते हैं प्यूबर्टी से लेकर मेनोपॉज तक महिलाओं में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं.
प्यूबर्टी के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन रिलीज होने लगते हैं और अंडे का उत्पादन शुरू हो जाता है. आमतौर पर यह लक्षण शरीर में 10-14 साल की उम्र से दिखने शुरू हो जाते हैं. इस दौरान शरीर का आकार बदलने लगता है, चेहरे पर मुंहासे आने शुरू हो जाते हैं. इसके अलावा इमोशनली भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. ऐसे में आप परिवार के सदस्य से बात-चीत करें. अपनी डाइट में हरी सब्जी और फलों को शामिल करें. पीरियड्स के दौरान स्वच्छता के बारे में जानें और अपनी वजाइना को पानी से साफ करें और कठोर साबुन से बचें.
इस फेज के दौरान आपकी उम्र 15-25 होती है. इस उम्र में आप अपने शरीर के साथ कंफर्टेबल हो जाते हैं. इस फेज में महिला को PCOS और PCOD जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. जिससे पीरियड मिस होना, वजन बढ़ना, बालों का झड़ना, मुंहासे और बांझपन का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में आपको अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना योग या एक्सरसाइज करें.
मेनोपॉज आखिरी स्टेज होता है. इस दौरान आपको गर्भाशय फाइब्रॉएड पर भी ध्यान देना चाहिए. इस स्टेज पर महिलाएं डिप्रेशन और स्ट्रेस का शिकार हो जाती हैं. ऐसे में आपको परिवार और दोस्तों के साथ बातचीत करनी चाहिए और लाइफस्टाइल भी अच्छी रखनी चाहिए.
डिस्क्लेमर: यह खबर इंटरनेट पर उपलब्ध सामान्य जानकारियों पर आधारित है. विस्तृत जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह जरूर लें.