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स्कूल बैग पर बने इस डायमंड का क्या है काम? असली वजह जानकर हैरान रह जाएंगे

बैकपैक के आगे लगा डायमंड के आकार का टुकड़ा लैश टैब या पिग स्नाउट कहलाता है. इसका पारंपरिक इस्तेमाल रस्सी या पट्टे की मदद से सामान को बैग के बाहर बांधने के लिए किया जाता था.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
स्कूल बैग पर बने इस डायमंड का क्या है काम? असली वजह जानकर हैरान रह जाएंगे
Courtesy: Pinterest

आपने स्कूल, कॉलेज या ऑफिस जाने के लिए बैकपैक का इस्तेमाल जरूर किया होगा. अगर आपने अपने बैग को ध्यान से देखा है, तो उसके आगे की तरफ डायमंड के आकार का एक छोटा सा टुकड़ा जरूर नजर आया होगा. इस टुकड़े में दो छोटे कट भी बने होते हैं. 

ज्यादातर लोग इसे बैग की डिजाइन का हिस्सा समझते हैं, लेकिन इसके पीछे एक खास वजह है. पुराने समय में इस टुकड़े का इस्तेमाल पहाड़ों पर चढ़ने और लंबी दूरी तक पैदल सफर करने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी माना जाता था.

क्या कहलाता है बैग पर लगा यह डायमंड?

बैग के आगे लगे इस डायमंड के आकार के टुकड़े को 'लैश टैब' कहा जाता है. इसे 'पिग स्नाउट' भी कहते हैं, क्योंकि इसके बीच में बने दो छेद सुअर की नाक जैसे दिखाई देते हैं. इसका पारंपरिक काम रस्सी या पट्टे की मदद से सामान को बैग के बाहर बांधने में मदद करना था. हालांकि, आजकल कई बैग में इसे केवल डिजाइन को आकर्षक बनाने के लिए भी लगाया जाता है.

पहाड़ों पर चढ़ने वालों के लिए क्यों था जरूरी?

पुराने समय में बैकपैक का इस्तेमाल मुख्य रूप से पहाड़ों पर चढ़ने वाले लोग और लंबी दूरी तक पैदल यात्रा करने वाले यात्री करते थे. ऐसे सफर में उन्हें अपने साथ कई जरूरी उपकरण रखने पड़ते थे. इनमें चढ़ाई के लिए इस्तेमाल होने वाली कुल्हाड़ी, रस्सियां और दूसरे औजार शामिल थे.

इनमें से कई चीजें आकार में बड़ी होती थीं, जबकि कुछ गीली या गंदी हो सकती थीं. ऐसे सामान को बैग के अंदर रखने के बजाय बाहर बांधना ज्यादा सुविधाजनक होता था. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बैग पर लैश टैब जैसी व्यवस्था दी गई, जिसकी मदद से रस्सी या उपयुक्त पट्टे के जरिए सामान को बाहर बांधा जा सकता था.

बीच में बने दो छेद किस काम आते हैं?

बैग पर लगे इस डायमंड के बीच बने दो छेद केवल सजावट के लिए नहीं होते. इनका इस्तेमाल कुछ प्रकार की रस्सी या पट्टियों को निकालने और सामान को बांधने में किया जा सकता है. इससे जरूरत के अनुसार छोटे उपकरणों को बैग के बाहर रखने में मदद मिलती है.

हालांकि, केवल लैश टैब होने से हर तरह का सामान सुरक्षित रूप से नहीं बांधा जा सकता. इसके लिए बैग की बनावट, टैब की मजबूती और उसमें मौजूद दूसरे लूप भी महत्वपूर्ण होते हैं.

आजकल स्कूल और ऑफिस के बैग में क्यों दिखता है?

समय के साथ बैकपैक का इस्तेमाल पहाड़ों पर जाने वाले लोगों से आगे बढ़कर आम जिंदगी का हिस्सा बन गया. आज स्कूली बच्चों, कॉलेज के छात्रों और ऑफिस जाने वाले लोगों के बीच भी बैकपैक काफी लोकप्रिय हैं.

बैग बनाने वाली कंपनियों ने पुराने एडवेंचर बैग की कई डिजाइन को बरकरार रखा. इसी वजह से लैश टैब भी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले बैग का हिस्सा बना रहा. आज कई कंपनियां इसे बैग को स्टाइलिश और एडवेंचर वाला लुक देने के लिए लगाती हैं. कुछ बैग में इसका व्यावहारिक इस्तेमाल अब भी किया जा सकता है.

क्या आप भी अपने बैग में कर सकते हैं इसका इस्तेमाल?

अगर आपके बैग पर भी डायमंड के आकार का यह टुकड़ा लगा है, तो उसकी बनावट के अनुसार इसमें उपयुक्त रस्सी या पट्टा लगाकर हल्का सामान बाहर बांध सकते हैं. इससे छोटी और हल्की चीजों को साथ रखने में सुविधा हो सकती है.

लेकिन ध्यान रखें कि हर लैश टैब भारी सामान उठाने के लिए नहीं बना होता. इसलिए इसकी मजबूती और सिलाई की जांच किए बिना इस पर ज्यादा वजन न लटकाएं. बैग पर लगा यह छोटा सा टुकड़ा केवल डिजाइन नहीं, बल्कि बैकपैक के पुराने उपयोग से जुड़ी एक दिलचस्प विशेषता भी है.