आमतौर पर माना जाता है कि आकर्षक महिलाओं को पुरुष ज्यादा देर तक देखते हैं. लेकिन एक नए अध्ययन के मुताबिक, विषमलैंगिक महिलाएं भी खूबसूरत महिला और पुरुष, दोनों के चेहरे को समान रूप से देखना पसंद करती हैं. हालांकि, महिलाओं के ऐसा करने की वजह पुरुषों से अलग हो सकती है.
यह अध्ययन Evolution and Human Behavior नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ. नीदरलैंड की यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता टॉम रोथ के नेतृत्व में टीम ने 102 प्रतिभागियों को शामिल किया. उन्हें अलग-अलग आकर्षण वाले महिला और पुरुषों के चेहरों की जोड़ियां दिखाई गईं.
शोधकर्ताओं ने आई-ट्रैकिंग तकनीक की मदद से यह देखा कि प्रतिभागी किस चेहरे को कितनी देर तक देखते हैं. शुरुआत में लोगों की नजरों में कोई स्पष्ट अंतर नहीं दिखा. लेकिन जब उन्हें चेहरों को ध्यान से देखने का समय मिला, तो महिलाओं और पुरुषों के व्यवहार में अंतर सामने आया.
अध्ययन में पुरुषों ने आम तौर पर उन चेहरों को अधिक समय तक देखा, जो उनकी यौन पसंद से मेल खाते थे. जिन चेहरों के प्रति उनकी यौन रुचि नहीं थी, उन्हें देखने में उन्होंने अतिरिक्त समय नहीं लगाया. शोधकर्ताओं के अनुसार, किसी व्यक्ति के रिश्ते में होने या न होने से इस व्यवहार पर स्पष्ट प्रभाव नहीं दिखा.
इसके विपरीत, महिलाओं ने आकर्षक महिला और पुरुष, दोनों के चेहरों को लगभग समान समय तक देखा. यह पैटर्न उनकी यौन पसंद से स्वतंत्र नजर आया. शोधकर्ताओं का मानना है कि महिलाओं के लिए आकर्षक चेहरा देखना अपने आप में सुखद अनुभव हो सकता है, जबकि पुरुषों की नजर पर उनकी यौन पसंद का प्रभाव ज्यादा दिखाई दिया.
शोधकर्ताओं के मुताबिक, महिलाओं में यह प्रवृत्ति क्यों दिखाई देती है, इसका विकासवादी कारण अभी स्पष्ट नहीं है. अध्ययन में यह भी सामने आया कि रिश्ते की स्थिति का पसंदीदा चेहरों को देखने पर कोई स्पष्ट असर नहीं पड़ा.
शोधकर्ताओं का कहना है कि भविष्य में अधिक चेहरों और अलग-अलग उम्र के लोगों को शामिल करके अध्ययन किया जा सकता है. इससे यह बेहतर समझने में मदद मिलेगी कि आकर्षण को देखने और समझने के तरीके महिलाओं और पुरुषों में किस तरह अलग हो सकते हैं.