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'दांतों में सड़न का सबसे बड़ा कारण है मुंह से सांस लेना, चीनी नहीं', डेंटिस्ट का चौंकाने वाला खुलासा, वायरल हो रहा वीडियो

41 वर्षों के अनुभव वाले दंत चिकित्सक डॉ. मार्क बरहेन ने 3 जुलाई को एक वीडियो में ओरल हेल्थ के लिए 8 महत्वपूर्ण सुझाव शेयर किए.

Sagar Bhardwaj

ओरल हेल्थ आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है. अध्ययनों से पता चला है कि खराब ओरल केयर (मुंह की देखभाल) हृदय रोग, अग्नाशय कैंसर और अन्य बीमारियों को ट्रिगर कर सकती है. इसलिए, उचित स्वच्छता अपनाना अत्यंत आवश्यक है. 

ओरल हेल्थ के लिए दंत चिकित्सक ने दिए 8 जरूरी टिप्स

41 वर्षों के अनुभव वाले दंत चिकित्सक डॉ. मार्क बरहेन ने 3 जुलाई को एक वीडियो में ओरल हेल्थ के लिए 8 महत्वपूर्ण सुझाव शेयर किए. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “41 साल के दंत चिकित्सक के रूप में मैं आपको ये सलाह दूंगा, अगर मुझे आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का डर न हो.”

1. गमी विटामिन चबाने से बचें

दंत रिपोर्ट के अनुसार, गमी विटामिन दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचाते हैं. इनका सेवन सीमित करें और खाने के बाद तुरंत ब्रश करें.

2. अगर आप खर्राटे लेते हैं या आपके मुंह से लार निकलती है तो तुरंत एयरवे दंत चिकित्सक और मायोफंक्शनल थेरेपिस्ट की मदद लें.

3. क्रेस्ट व्हाइट स्ट्रिप्स से सावधान: ये स्ट्रिप्स दांतों में सड़न, मसूड़ों की समस्याएं और संवेदनशीलता बढ़ा सकती हैं.

4. सांस की दुर्गंध का कारण: यह मौखिक माइक्रोबायोम असंतुलन के कारण होती है.

5. सोडा या कोक लेने से बचें, दोनों दांतों के लिए हानिकारक हैं.

6. ज़ाइलिटॉल गम चबाएं: ज़ाइलिटॉल गम दांतों की सड़न को रोकने का वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तरीका है. यह कम कैलोरी वाला, गैर-ग्लाइसेमिक स्वीटनर है.

7. सड़न का प्रमुख कारण: डॉ. बरहेन के अनुसार, “दांतों में सड़न का सबसे बड़ा कारण मुंह से सांस लेना है, चीनी नहीं.”

8. फ्लॉसिंग जरूरी:  अल्जाइमर, हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए फ्लॉसिंग आवश्यक है.

मुंह की स्वच्छता क्यों महत्वपूर्ण है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, खराब मौखिक स्वच्छता से बैक्टीरिया का स्तर बढ़ सकता है, जिससे दांतों में सड़न और मसूड़ों की बीमारी हो सकती है. मौखिक बैक्टीरिया और सूजन कुछ रोगों में भूमिका निभा सकते हैं. डायबिटीज और HIV/AIDS जैसी बीमारियां शरीर की प्रतिरक्षा को कमजोर करती हैं, जिससे मौखिक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं.