घर के पीछे लगाना है बगीचा, इतना भी नहीं मुश्किल; जानिए आसान प्लान
घर के पीछे बगीचा लगाना अब ट्रेंड के साथ जरूरत भी बन गया है. सही मिट्टी, धूप की दिशा, पौधों का चयन और पानी की व्यवस्था सबसे जरूरी कदम हैं.
नई दिल्ली: शहरों में खुली जगह कम हो रही है, लेकिन जिन घरों के पीछे थोड़ी जमीन बची है, वह अब नई संभावनाओं का कोना बन रही है. लोग बैकयार्ड में छोटा लेकिन खूबसूरत बगीचा तैयार कर प्रकृति को घर से जोड़ रहे हैं.
बगीचा सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि ताज़ी हवा, सुकून और पक्षियों की चहचहाहट का नया ठिकाना है. सही तरीका अपनाया जाए तो यह जगह सालभर हरियाली से भरी रह सकती है.
जमीन की तैयारी सबसे पहला कदम
बगीचा लगाने से पहले जमीन को साफ और समतल करना जरूरी है. सूखी पत्तियां, कंकड़ और खरपतवार हटा दें. इसके बाद मिट्टी को हल्का खोदकर भुरभुरा बनाएं ताकि जड़ें आसानी से फैल सकें. यदि मिट्टी कठोर हो तो उसमें रेत और कोकोपीट मिलाने से हवा का संचार बेहतर होता है. यही वह बेस है जो आगे पौधों की ग्रोथ तय करेगा.
सही मिट्टी और जैविक खाद का संतुलन
पौधों को स्वस्थ रखने के लिए मिट्टी में पोषण जरूरी है. साधारण मिट्टी में वर्मी-कंपोस्ट या गोबर की जैविक खाद मिलाएं. रासायनिक खाद की जगह जैविक विकल्प मिट्टी को लंबे समय तक उपजाऊ रखते हैं. खाद मिलाने के बाद मिट्टी को हल्का पानी देकर सेट होने दें. इससे पोषण धीरे-धीरे पौधों को मिलता रहेगा और बगीचा जल्दी हरा-भरा बनेगा.
पौधों का चयन मौसम और धूप के हिसाब से
बैकयार्ड में कौन से पौधे लगेंगे यह धूप की दिशा पर निर्भर करता है. जहां 5-6 घंटे धूप आती हो वहां फूल और सब्जी दोनों उग सकते हैं. गुलाब, गेंदा, मनी प्लांट, तुलसी और मौसमी सब्जियां बेहतरीन विकल्प हैं. पौधे खरीदते समय स्थानीय नर्सरी से सलाह लें. ताज़ी किस्में जल्दी सेट होती हैं और रख-रखाव भी आसान रहता है.
पानी और ड्रेनेज की स्मार्ट व्यवस्था
पानी की नियमित सप्लाई जरूरी है, लेकिन जलभराव से बचना भी उतना ही जरूरी है. क्यारियों में हल्का ढलान रखें ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए. गमले उपयोग कर रहे हों तो नीचे छेद जरूर रखें. सुबह या शाम पानी देना सबसे सही माना जाता है. ड्रिप सिस्टम भी अच्छा विकल्प है जिससे पानी बचता है और पौधों को जरूरत के हिसाब से नमी मिलती है.
देखभाल से बगीचे की असली सुंदरता
बगीचा तैयार होने के बाद उसकी देखभाल जरूरी है. सूखे हिस्से हटाएं, हल्की गुड़ाई करें और कीटों से बचाव के लिए नीम-ऑयल का छिड़काव करें. हर 15-20 दिन में हल्की जैविक खाद दें. पक्षियों के लिए छोटा पानी-पॉट रखें. यही छोटे प्रयास बगीचे को जीवंत, ताज़ा और घर का सबसे खूबसूरत हिस्सा बना देते हैं.