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'परीक्षा एक नौकरी अनेक,' वर्दी से जुड़ी अलग-अलग पोस्ट के लिए अब होगा एक एग्जाम, जानिए नया नियम

प्रदेश में इस समय पुलिस, परिवहन, आबकारी, सचिवालय, विधानसभा, वन विभाग आदि में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और प्रवर्तन आदि कार्य किया जाता है। इन विभागों में आरक्षी और उप निरीक्षक स्तर के कार्मिकों के लिए समय-समय पर भर्ती परीक्षा की जाती है। 

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Edited By: Reepu Kumari
'परीक्षा एक नौकरी अनेक,' वर्दी से जुड़ी अलग-अलग पोस्ट के लिए अब होगा एक एग्जाम, जानिए नया नियम
Courtesy: Pinterest

Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है. अब राज्य में पुलिस, परिवहन, आबकारी, वन और अन्य सुरक्षा बलों की भर्तियों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं नहीं होंगी. इसके बजाय एक संयुक्त एकीकृत परीक्षा (Uniform Service Combined Exam) कराई जाएगी, जिससे न केवल समय और खर्च की बचत होगी, बल्कि अभ्यर्थियों को भी एक पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रक्रिया से गुजरने का अवसर मिलेगा.

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उम्मीदवार अब अपनी पसंद के विभाग में सेवा देने के लिए आवेदन कर सकेंगे.

भर्ती प्रक्रिया में होगा बड़ा सुधार

अब तक उत्तराखंड में विभिन्न विभागों जैसे पुलिस, परिवहन, आबकारी, सचिवालय सुरक्षा, विधानसभा और वन विभाग के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित की जाती थीं. इससे न केवल परीक्षा संगठनों पर बोझ बढ़ता था, बल्कि अभ्यर्थियों को भी बार-बार फार्म भरने, फीस जमा करने और परीक्षा देने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था. कई बार एक ही उम्मीदवार कई विभागों में सफल हो जाता था, और फिर अपनी प्राथमिकता के अनुसार एक विभाग में शामिल होकर बाकी जगहों की सीटें खाली छोड़ देता था. यह व्यवस्था न केवल चयन प्रक्रिया को लंबा खींचती थी, बल्कि संसाधनों की भी बर्बादी होती थी.

लिखित व शारीरिक परीक्षा के आधार पर बनेगी मेरिट

नई व्यवस्था के अंतर्गत अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर एक संयुक्त मेरिट सूची में स्थान मिलेगा. आवेदन करते समय वे यह भी चुन सकेंगे कि वे किस विभाग में सेवा देना चाहते हैं. इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी बन जाएगी. शासन फिलहाल आरक्षी (Constable) और उप निरीक्षक (Sub-Inspector) स्तर के पदों के लिए अलग-अलग नियमावली तैयार कर रहा है.

उत्तराखंड सरकार का यह कदम राज्य के युवाओं के लिए एक सकारात्मक बदलाव साबित हो सकता है. यह न केवल भर्ती प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाएगा, बल्कि उम्मीदवारों को अपनी योग्यता और रुचि के अनुरूप विभाग चुनने का अवसर भी देगा. इस नई प्रणाली से भर्ती में दोहराव, समय की बर्बादी और संसाधनों के अपव्यय पर अंकुश लगेगा. अब जरूरत है कि इस योजना को जल्द से जल्द लागू किया जाए ताकि राज्य के लाखों युवा लाभान्वित हो सकें.