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मेडिकल के सबसे कठिन कोर्स, जिन्‍हें पास करना किसी चुनौती से कम नहीं!

हर साल लाखों छात्र नीट जैसी कठिन परीक्षाएं पास करके मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेते हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम ही छात्र इस यात्रा को पूरी मेहनत और धैर्य के साथ पूरा कर पाते हैं. मेडिकल कोर्सेज की खास बात यह है कि इनमें न केवल लंबी अवधि लगती है, बल्कि विषयों की जटिलता, क्लीनिकल ट्रेनिंग और इमोशनल टोल भी काफी ज्यादा होता है.

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Edited By: Reepu Kumari
मेडिकल के सबसे कठिन कोर्स, जिन्‍हें पास करना किसी चुनौती से कम नहीं!
Courtesy: Pinterest

Toughest Medical Courses: मेडिकल क्षेत्र को समाज में हमेशा से ही सर्वोच्च सम्मान प्राप्त रहा है. डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचना जितना प्रतिष्ठित है, उतना ही कठिन भी. मेडिकल लाइन में कदम रखना केवल एक प्रोफेशन चुनना नहीं, बल्कि यह एक लंबी, कठिन और समर्पण से भरी जीवनयात्रा की शुरुआत होती है. इसमें न सिर्फ उच्च स्तर की पढ़ाई शामिल होती है, बल्कि लगातार थ्योरी और प्रैक्टिकल ज्ञान को संतुलित रखना भी जरूरी होता है.

हर साल लाखों छात्र नीट जैसी कठिन परीक्षाएं पास करके मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेते हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम ही छात्र इस यात्रा को पूरी मेहनत और धैर्य के साथ पूरा कर पाते हैं. मेडिकल कोर्सेज की खास बात यह है कि इनमें न केवल लंबी अवधि लगती है, बल्कि विषयों की जटिलता, क्लीनिकल ट्रेनिंग और इमोशनल टोल भी काफी ज्यादा होता है.

भारत में सबसे लोकप्रिय लेकिन बेहद कठिन मेडिकल कोर्स है MBBS. इसकी अवधि 5.5 वर्ष होती है जिसमें 1 साल की इंटर्नशिप शामिल है. इसमें एनाटॉमी. फिजियोलॉजी. बायोकैमिस्ट्री जैसी गूढ़ विषयों की पढ़ाई होती है.

2. MD/MS (पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स)
MBBS के बाद MD (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) या MS (मास्टर ऑफ सर्जरी) करना और भी कठिन होता है. इसमें विशेष क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल की जाती है जैसे कि न्यूरोलॉजी. कार्डियोलॉजी. ऑर्थोपेडिक्स आदि. इसमें गहन शोध और क्लीनिकल प्रैक्टिस शामिल होती है.

3. DM/MCh (सुपर-स्पेशियलिटी कोर्स)
MD/MS के बाद किया जाने वाला यह कोर्स मेडिकल शिक्षा की सर्वोच्च श्रेणी में आता है. इसकी अवधि 3 साल होती है और इसे पास करना बेहद कठिन माना जाता है क्योंकि इसमें एडवांस क्लीनिकल ट्रेनिंग और रिसर्च दोनों शामिल होते हैं.

4. BDS और MDS (डेंटल स्टडीज)
हालांकि MBBS जितना लंबा नहीं होता. फिर भी BDS और फिर MDS का कोर्स भी काफी चुनौतीपूर्ण होता है. जिसमें थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल स्किल्स में भी महारत हासिल करनी होती है.

मेडिकल के ये कोर्स न केवल समय मांगते हैं बल्कि उनमें लगातार मेहनत. समर्पण और धैर्य की आवश्यकता होती है.