MBA छोड़, ग्रेजुएशन के बाद करें ये मैनेजमेंट कोर्स, लाखों में मिलेगा सैलरी पैकेज
Best Management Course: भारत देश में ज्यादातर लोग सक्सेसफुल करियर बनाने के लिए MBA का कोर्स चुनते हैं. लेकिन हम आपको एमबीए के अलावा कुछ ऐसे मैनेजमेंट कोर्स के बारे में बताएंगे जिसकी मदद से आप करियर सेट करने के साथ हाई सैलरी पैकेज भी पा सकते हैं.
Management Course: मैनेजमेंट सेक्टर में करियर बनाने के लिए MBA सबसे पॉपुलर डिग्री है और लगभग हर व्यक्ति इस कोर्स को करने का फैसला लेता है. आज के समय में IT मैनेजमेंट और ऑनलाइन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कोर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. अगर कोई मैनेजमेंट सेक्टर में जाने के लिए MBA के बजाय कोई और ऑप्शन तलाशना चाहता है तो कई बेहतरीन कोर्स अवेलेबल हैं. यहां हम टॉप हाई-पेइंग मैनेजमेंट कोर्स के बारे में जानेंगे जो काफी अच्छे हैं.
अगर आप MBA नहीं करना चाहते हैं तो मास्टर ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है. इस कोर्स के दौरान छात्रों को अकाउंटेंसी और फाइनेंशियल मैनेजमेंट की contemporary और ऐतिहासिक जानकारी दी जाती है. यह कोर्स दो साल का है और इसके बाद छात्रों के पास फाइनेंशियल एनालिस्ट, इनवेस्टमेंट मैनेजर और स्टॉक ब्रोकर जैसी नौकरियां करने का मिल सकता है. इस कोर्स के बाद औसत (average) सैलरी पैकेज 7 लाख से 35 लाख रुपये तक हो सकता है.
मास्टर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज
मैनेजमेंट कोर्स में मास्टर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज का कोर्स भी बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है. यह दो साल का कोर्स है जिसमें चार सेमेस्टर होते हैं. इस कोर्स में थ्योरी लेक्चर, प्रैक्टिकल असाइनमेंट और इंटर्नशिप शामिल हैं. इसके बाद छात्रों को इनवेस्टमेंट बैंकर, प्रोजेक्ट मैनेजर, और मार्केटिंग मैनेजर जैसी नौकरियों के अवसर मिलते हैं. इस कोर्स के बाद सैलरी 3 लाख से 10 लाख रुपये तक होती है.
मास्टर्स इन रिटेल मैनेजमेंट
बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स (रिटेल मैनेजमेंट) भारत में एक बहुत पॉपुलर कोर्स है. यह भी दो साल का कोर्स है और इसके लिए ग्रेजुएशन में कम से कम 45% अंक और CAT, XAT या MAT जैसी एंट्रेंस एग्जाम पास करना होता है. इस कोर्स के बाद छात्रों को रेस्टोरेंट, बैंक और शॉपिंग सेंटर्स में नौकरी मिल सकती है और सैलरी 3 से 10 लाख रुपये तक होती है.
मास्टर इन मार्केटिंग मैनेजमेंट
मार्केटिंग मैनेजमेंट का कोर्स बहुसांस्कृतिक और प्रतिस्पर्धी मार्केटिंग क्लाइमेट के लिए तैयार किया गया है. यह दो साल का कोर्स है और इसके बाद प्राइवेट और गवर्नमेंट सेक्टर में कई अवसर हैं. इस कोर्स के बाद औसत सैलरी 60 से 70 हजार रुपये प्रति महीने होती है.
मास्टर इन रिस्क मैनेजमेंट
रिस्क मैनेजमेंट एक नया और उभरता हुआ कॉन्सेप्ट है. इसकी जरूरत सभी इंडस्ट्री में हैं. यह कोर्स चार्टर्ड इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट द्वारा मान्यता प्राप्त है जो आपको प्रोफेशनल क्रेडेंशियल्स के लिए क्वालीफाई करने की अनुमति देता है.