IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026

12वीं के बाद बनना है कैप्टन? मर्चेंट नेवी में बनाएं शानदार करियर, 12वीं के बाद ऐसे पाएं जहाज पर हाई सैलरी वाली नौकरी

मर्चेंट नेवी युवाओं के लिए एक रोमांचक और हाई सैलरी वाला करियर ऑप्शन माना जाता है. 12वीं के बाद सही कोर्स और ट्रेनिंग करके आप जहाज पर नौकरी पा सकते हैं. जानिए मर्चेंट नेवी क्या है, इसमें जॉब कैसे मिलती है और सैलरी कितनी होती है.

Grok
Babli Rautela

नई दिल्ली: समुद्र सिर्फ घूमने या छुट्टियां मनाने की जगह नहीं है. यही समुद्र दुनिया के व्यापार की सबसे बड़ी ताकत भी है. दुनिया का लगभग 90 प्रतिशत सामान समुद्र के रास्ते एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाया जाता है. कच्चा तेल, गाड़ियां, अनाज और रोजमर्रा के कई सामान जहाजों के जरिए ही अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचते हैं.

इन सभी सामानों को सुरक्षित और समय पर पहुंचाने की जिम्मेदारी मर्चेंट नेवी निभाती है. भारत जैसे बड़े देश के लिए समुद्री व्यापार बहुत अहम है क्योंकि यहां कई बड़े और छोटे बंदरगाह हैं जहां से रोजाना बड़े स्तर पर आयात और निर्यात होता है. इसी वजह से मर्चेंट नेवी आज युवाओं के लिए एक आकर्षक और सम्मानजनक करियर बनता जा रहा है.

क्या होती है मर्चेंट नेवी?

मर्चेंट नेवी वह सेवा है जो समुद्री जहाजों के जरिए माल और यात्रियों को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाती है. कई लोग इसे भारतीय नौसेना से जोड़ देते हैं लेकिन दोनों पूरी तरह अलग हैं. भारतीय नौसेना देश की सुरक्षा के लिए काम करती है जबकि मर्चेंट नेवी पूरी तरह व्यापारिक क्षेत्र से जुड़ी होती है. मर्चेंट नेवी में काम करने वाले लोग शिपिंग कंपनियों के लिए काम करते हैं और उनका मुख्य काम माल ढुलाई से जुड़े जहाजों का संचालन करना होता है.

कैसे मिलती है मर्चेंट नेवी में जॉब?

मर्चेंट नेवी में नौकरी पाने के लिए सबसे पहले आपको किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित कोर्स करना होता है. 10वीं या 12वीं के बाद छात्र अपनी रुचि के अनुसार डेक डिपार्टमेंट, इंजन डिपार्टमेंट या जीपी रेटिंग कोर्स चुन सकते हैं. डिग्री कोर्स में प्रवेश के लिए अक्सर इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है.

कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवार को मेडिकल फिटनेस टेस्ट पास करना होता है. इसके बाद Continuous Discharge Certificate बनवाया जाता है जो जहाज पर काम करने के लिए जरूरी दस्तावेज होता है. इसके बाद शिपिंग कंपनियों में आवेदन या कैंपस प्लेसमेंट के जरिए चयन होता है और उम्मीदवार को जहाज पर ट्रेनी या कैडेट के रूप में काम करने का मौका मिलता है.

12वीं के बाद मर्चेंट नेवी में करियर के ऑप्शन

जीपी रेटिंग कोर्स

  • अगर कोई छात्र जल्दी नौकरी शुरू करना चाहता है तो जीपी रेटिंग कोर्स एक अच्छा विकल्प है.
  • इस कोर्स की अवधि लगभग छह महीने होती है और इसे 10वीं या 12वीं के बाद किया जा सकता है.
  • इस कोर्स के बाद उम्मीदवार जहाज के डेक या इंजन विभाग में सहायक के रूप में काम शुरू कर सकता है.

डेक डिपार्टमेंट

  • अगर आपको जहाज चलाने और नेविगेशन में रुचि है तो डेक डिपार्टमेंट में करियर बना सकते हैं.
  • इसके लिए डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस या बीएससी इन नॉटिकल साइंस जैसे कोर्स किए जाते हैं.
  • इस क्षेत्र में करियर की शुरुआत डेक कैडेट से होती है. अनुभव और परीक्षाओं के आधार पर आगे चलकर थर्ड ऑफिसर, सेकंड ऑफिसर और कैप्टन तक पदोन्नति मिल सकती है.

इंजन डिपार्टमेंट

  • जिन छात्रों को मशीन और तकनीकी कामों में रुचि होती है उनके लिए इंजन डिपार्टमेंट बेहतर विकल्प माना जाता है.
  • इसके लिए चार साल का बीटेक इन मरीन इंजीनियरिंग कोर्स किया जा सकता है.
  • अगर किसी के पास पहले से इंजीनियरिंग की डिग्री है तो वह ग्रेजुएट मरीन इंजीनियरिंग कोर्स भी कर सकता है.
  • इस विभाग में करियर की शुरुआत जूनियर इंजीनियर से होती है और अनुभव के साथ व्यक्ति चीफ इंजीनियर तक पहुंच सकता है.

इलेक्ट्रो टेक्निकल ऑफिसर

  • अगर आपने इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स से पढ़ाई की है तो इलेक्ट्रो टेक्निकल ऑफिसर कोर्स भी कर सकते हैं.
  • इस पद पर जहाज के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और तकनीकी उपकरणों की जिम्मेदारी संभालनी होती है.

मर्चेंट नेवी में सैलरी कितनी मिलती है

मर्चेंट नेवी को हाई सैलरी वाले करियर में गिना जाता है. हालांकि वेतन पद और अनुभव के आधार पर अलग अलग होता है. शुरुआत में जब कोई उम्मीदवार डेक कैडेट, जीपी रेटिंग या जूनियर इंजीनियर के रूप में जॉइन करता है तो उसकी सैलरी लगभग 30 हजार से 60 हजार रुपये प्रति माह के बीच हो सकती है. जैसे जैसे अनुभव बढ़ता है और व्यक्ति अधिकारी रैंक तक पहुंचता है तो वेतन एक लाख से तीन लाख रुपये प्रति माह तक हो सकता है. अगर कोई व्यक्ति कैप्टन या चीफ इंजीनियर जैसे उच्च पद तक पहुंच जाता है तो उसकी आय आठ लाख से पंद्रह लाख रुपये प्रति माह या उससे भी अधिक हो सकती है.