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जज बनने के लिए 366 वकीलों ने दिया एग्जाम, सारे के सारे हुए फेल, जानें कहां का है मामला?

ओडिशा से एक बेहद चौकाने वाला मामला सामने आया है. यहां जिला जज की भर्ती परीक्षा के रिजल्ट बेहद चौंकाने वाला रहा. बता दें 5 जनवरी को आयोग द्वारा आयोजित जज भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में चुने गए 366 कैंडिडेट्स में से एक भी पास नहीं हो पाया.

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Edited By: Garima Singh
जज बनने के लिए 366 वकीलों ने दिया एग्जाम, सारे के सारे हुए फेल, जानें कहां का है मामला?
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Sarkari Naukari: ओडिशा से एक बेहद चौकाने वाला मामला सामने आया है. यहां जिला जज की भर्ती परीक्षा के रिजल्ट बेहद चौंकाने वाला रहा. बता दें 5 जनवरी को आयोग द्वारा आयोजित जज भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में चुने गए 366 कैंडिडेट्स में से एक भी पास नहीं हो पाया. अब ओडिशा हाई कोर्ट ने ये रिजल्ट जारी कर दिया है, जिससे 45 जिला जजों की सीट खाली रह गई.

बता दें जिला जज के पदों के लिए दो अलग-अलग विज्ञापनों के तहत भर्ती की जानी थी. विज्ञापन संख्या 11 के तहत भर्ती वकीलों के लिए डायरेक्ट थी जबकि विज्ञापन संख्या 12 के लिए प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई थी.

जिला जज भर्ती परीक्षा में एक भी वकील नहीं हुए पास 

विज्ञापन संख्या 11 के तहत वकीलों के लिए सीधी भर्ती में 31 पदों के लिए 283 उम्मीदवारों को चयनित किया गया था. इस परीक्षा में 100 नंबर के 3 पेपर हुए थे. निर्देश के मुताबिक उम्मीदवारों को हर पेपर में कम से कम 45 प्रतिशत अंक और कुल मिलाकर 50 फीसदी मार्क्स लाना अनिवार्य था, जिससे वे इंटरव्यू के लिए चयनित हो सकें. लेकिन जब इस परीक्षा का नतीजा आया तो सभी हैरान रह गए. दरअसल इस परीक्षा को कोई भी वकील पास नहीं कर सका. इसका मतलब ये हुआ कि वकील 45 प्रतिशत अंक लाने में भी कामयाब नहीं हो पाए। बता दें इस भर्ती के लिए कम से कम सात साल की वकालत का एक्सपीरिएंस और 1 अप्रैल 2024 तक 35 से 45 साल की उम्र होनी चाहिए थी.

45 प्रतिशत अंक भी नहीं ला पाए वकील साहब 

इसी तरह, दूसरे विज्ञापन के मुताबिक न्यायिक अधिकारियों के लिए सीमित प्रतियोगी परीक्षा में 14 पदों के लिए 83 उम्मीदवारों को चयनित किया गया था. इस परीक्षा में 75 नंबर के दो पेपर आए थे. इस परीक्षा में उम्मीदवारों को हर पेपर में कम से कम 45 प्रतिशत और कुल मिलाकर 50 प्रतिशत अंक लेकर आने थे, जिससे वे इंटरव्यू के लिए सेलेक्ट हो सकें. इस परीक्षा में भी कोई भी उम्मीदवार पास नहीं हो पाया। इस कैटेगरी के लिए 1 अप्रैल 2024 तक सिविल जज के रूप में पांच साल की सेवा होनी चाहिए थी.