Inspiring Journey: साधारण कॉलेज से पढ़ाई, छोटी कंपनियों ने ठुकराया; आज UP के लाल को मिली दुबई में 1.3 करोड़ की नौकरी
कानपुर के वैभव मिश्रा ने बिना आईआईटी-एनआईटी से पढ़े अपने करियर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. शुरुआती दौर में छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स से रिजेक्शन मिला, लेकिन उन्होंने अपनी कमियों पर काम करना नहीं छोड़ा.
Inspiring Journey: उत्तर प्रदेश के कानपुर से निकलकर इंजीनियरिंग की दुनिया में पहचान बनाने वाले वैभव मिश्रा की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरक है, जो शुरुआती रिजेक्शन को अपनी कमजोरी मान लेते हैं. वैभव को कभी छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स ने भी इंटरव्यू में बाहर कर दिया था. लेकिन उन्होंने रुकने के बजाय अपनी कमियों पर काम किया. तकनीकी तैयारी, सिस्टम डिजाइन और इंटरव्यू रणनीति को मजबूत किया और कुछ ही महीनों में तस्वीर बदल गई.
वैभव की पढ़ाई
वैभव ने आईआईटी या एनआईटी से पढ़ाई नहीं की, फिर भी आज वह दुबई में सीनियर फ्रंट-एंड इंजीनियरिंग के तौर पर काम कर रहे हैं. उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने ग्वालियर के अटल बिहारी वाजपेयी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया. छह महीनों के दौरान उन्होंने आठ कंपनियों के इंटरव्यू दिए और सभी में सफलता हासिल की. इनमें सबसे बड़ा ऑफर 1.3 करोड़ रुपये के सीटीसी का रहा.
अच्छे अंकों से शुरू हुआ सफर
कानपुर के साधारण परिवार से आने वाले वैभव पढ़ाई में शुरू से अच्छे रहे. उन्होंने 2015 में आईसीएसई से 10वीं में 85.4 प्रतिशत और 2017 में आईएससी से 12वीं में 88.8 प्रतिशत अंक हासिल किए. बीटेक के दौरान उन्होंने फ्रंट-एंड डेवलपमेंट और कॉम्पिटेटिव प्रोग्रामिंग पर लगातार काम किया. प्रॉब्लम सॉल्विंग की यह तैयारी बाद में कठिन तकनीकी और कोडिंग राउंड पार करने में उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुई.
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रिजेक्शन को बनाया तैयारी का हथियार
लगातार असफल इंटरव्यू के बाद वैभव ने अपनी कमजोरियों को समझने पर ध्यान दिया. उन्होंने तकनीकी ज्ञान के साथ सिस्टम डिजाइन और इंटरव्यू रणनीति पर काम किया. सामान्य कौशल तक सीमित रहने के बजाय उन्होंने फ्रंट-एंड इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता विकसित की. C++, C, Java, JavaScript के साथ Node.js, Express.js, React, Redux, HTML, CSS और MySQL व NoSQL जैसी तकनीकों पर उनकी पकड़ मजबूत हुई.
अनुभव ने खोले बड़े मौके
सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, वास्तविक काम का अनुभव भी वैभव के सफर में अहम रहा. Groww में करीब तीन साल काम करते हुए उन्होंने बड़े पैमाने पर वेब परफॉर्मेंस, Next.js और यूजर एक्सपीरियंस ऑप्टिमाइजेशन पर काम किया. इसके बाद बढ़ी व्यावहारिक समझ ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की. रिजेक्शन के बाद लगातार इंटरव्यू देते रहना भी उनके लिए महत्वपूर्ण रहा और छह महीनों में आठ कंपनियों के ऑफर तक पहुंच बना.
8 ऑफर में सबसे बड़ा रहा 1.3 करोड़
वैभव को छह महीनों में Coinswitch और ShopFlo से 40-45 लाख रुपये सीटीसी, Atlassian से 55-60 लाख, Blinkit से 31 लाख बेस, Upstocks से 45-50 लाख और Zeta से 55-60 लाख रुपये सीटीसी का ऑफर मिला. InTuit ने 70-80 लाख और ByteDance ने 1.3 करोड़ रुपये सीटीसी की पेशकश की. वैभव ने ByteDance का ऑफर स्वीकार किया और अब दुबई में काम कर रहे हैं.