मुंबई: दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में गहरा शोक छा गया है. मशहूर संगीतकार एस. पी. वेंकटेश ने 3 फरवरी 2026 को चेन्नई में अपने घर पर 70 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने हार्ट अटैक के कारण दम तोड़ा. उनका निधन मलयालम, तमिल, कन्नड़ और अन्य भाषाओं के सिनेमा के लिए एक बड़ा नुकसान है.
एस. पी. वेंकटेश का जन्म 5 मार्च 1955 को हुआ था. उन्होंने अपना करियर 1971 में गिटारिस्ट के रूप में शुरू किया. शुरुआत में उन्होंने मशहूर संगीतकार विजयभास्कर के साथ काम किया. 1975 तक वे कन्नड़ सिनेमा में असिस्टेंट म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में प्रसिद्ध हो चुके थे. 1981 में उन्होंने स्वतंत्र संगीतकार के रूप में तेलुगु फिल्म 'प्रेमा युद्धम' से डेब्यू किया.
मलयालम सिनेमा में उनका बड़ा योगदान रहा. उन्होंने राघवन मास्टर, ए. टी. उमर जैसे दिग्गजों के साथ काम किया. 1985 में फिल्म 'जनकीया कोडाथी' से मलयालम में डेब्यू किया, लेकिन असली पहचान 1986 की फिल्म 'राजाविन्टे माकन' से मिली. 90 के दशक में वे मलयालम फिल्म म्यूजिक के चेहरा बने. उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं- 'किलुक्कम', 'मिन्नाराम', 'स्पाडिकम', 'देवासुरम', 'ध्रुवम' और 'पैत्रुकम'.
इन फिल्मों के गाने और बैकग्राउंड स्कोर आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं. 1993 में उन्हें केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के लिए मिला था, 'पैत्रुकम' और 'जनम' के लिए. वे सिर्फ मलयालम तक सीमित नहीं रहे. तमिल, कन्नड़, बंगाली और हिंदी फिल्मों में भी उन्होंने संगीत दिया. उनकी खासियत थी कि वे मास अपील वाले गाने और क्लासिकल बैकग्राउंड स्कोर दोनों में माहिर थे.
हाल ही में 2021 में फिल्म 'वेल्लप्पम' में उन्होंने वापसी की थी. उनके निधन की खबर फैलते ही फिल्म इंडस्ट्री, फैंस और सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी. कई लोग उनके गानों को शेयर कर रहे हैं और यादें ताजा कर रहे हैं. उनका अंतिम संस्कार 4 फरवरी 2026 को चेन्नई के अलापाक्कम इलाके में होगा.