नई दिल्ली: कनाडा में अंग्रेजी जानने वाले विदेशी वर्कर्स की संख्या काफी ज्यादा है. यही वजह है कि PR के लिए प्रतिस्पर्धा भी काफी कड़ी हो जाती है. कई योग्य उम्मीदवार भी सिर्फ स्कोर और कटऑफ के कारण पीछे रह जाते हैं.
ऐसे में फ्रेंच भाषा एक बड़ा अवसर बनकर उभरी है. अगर कोई उम्मीदवार कनाडा आने से पहले फ्रेंच सीख लेता है, तो उसके PR पाने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं.
कनाडा की दो आधिकारिक भाषाएं अंग्रेजी और फ्रेंच हैं. क्यूबेक के बाहर फ्रेंच भाषी आबादी बढ़ाने के लिए सरकार लंबे समय से प्रयास कर रही है. इसी रणनीति के तहत 2026 में 5000 PR स्लॉट फ्रेंच स्पीकर्स के लिए रिजर्व किए गए हैं. इससे उन्हें एक्सप्रेस एंट्री और अन्य फेडरल प्रोग्राम्स में प्राथमिकता मिल सकती है.
IRCC के अनुसार, क्यूबेक के बाहर फ्रेंच भाषी लोगों को बसाने के लिए हर साल अलग लक्ष्य तय किया जाता है. 2025 में सरकार ने 8.5 प्रतिशत फ्रेंच स्पीकर्स को बसाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन 8.9 प्रतिशत लोगों को बसाया गया. यह दिखाता है कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है.
5000 रिजर्व स्लॉट का फायदा सिर्फ उम्मीदवारों को ही नहीं, बल्कि राज्यों को भी मिलेगा. कनाडा में राज्यों को विदेशी वर्कर्स को PR के लिए नामित करने का अधिकार है. जिन क्षेत्रों में वर्कर्स की कमी है, वहां फ्रेंच भाषी उम्मीदवारों को आसानी से बुलाया जा सकेगा. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
फ्रेंच भाषा सीखना केवल PR पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कनाडा में करियर ग्रोथ के नए दरवाजे भी खोलता है. फ्रेंच जानने वाले वर्कर्स को सरकारी सेवाओं, हेल्थकेयर, एजुकेशन और कस्टमर सपोर्ट जैसे सेक्टर्स में बेहतर मौके मिल सकते हैं. कई नियोक्ता फ्रेंच स्पीकर्स को प्राथमिकता देते हैं, जिससे सैलरी और जॉब स्टेबिलिटी भी बेहतर होती है. इस तरह फ्रेंच भाषा भविष्य की सुरक्षा और स्थायित्व का मजबूत आधार बन सकती है.
फ्रेंच भाषा सीखने का एक और बड़ा फायदा यह है कि इससे उम्मीदवार का इमिग्रेशन प्रोफाइल मजबूत होता है. एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम में भाषा स्किल्स के लिए अतिरिक्त पॉइंट्स मिलते हैं, जिससे CRS स्कोर बेहतर हो सकता है. कई मामलों में फ्रेंच जानने वाले उम्मीदवारों को अलग ड्रॉ में बुलाया जाता है, जहां कटऑफ अपेक्षाकृत कम रहती है. इसका सीधा मतलब है कि PR मिलने की संभावना तेजी से बढ़ जाती है.