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राहत या मुश्किल? अग्निवीरों के लिए शादी से जुड़ा नया नियम; परमानेंट होने के लिए माननी होगी ये बड़ी शर्त

भारतीय सेना ने अग्निवीर 2026 के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद स्थायी सैनिक बनने की प्रक्रिया खत्म होने तक शादी पर रोक रहेगी.

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Edited By: Reepu Kumari
राहत या मुश्किल? अग्निवीरों के लिए शादी से जुड़ा नया नियम; परमानेंट होने के लिए माननी होगी ये बड़ी शर्त
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए युवाओं के लिए 2026 बेहद अहम साल है. चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना में स्थायी सैनिक बनने का सपना लाखों अग्निवीर देख रहे हैं. इसी बीच भारतीय सेना ने निजी जीवन से जुड़ा एक बड़ा फैसला जारी किया है. नए नियम में स्पष्ट किया गया है कि स्थायी सैनिक बनने की आवेदन और चयन प्रक्रिया के दौरान विवाह करना प्रतिबंधित रहेगा. यह गाइडलाइन सीधे अग्निवीरों के भविष्य और सेवा योग्यता से जुड़ी है.

सेना के मुताबिक, स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया सेवा अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद पूरी नहीं होती, बल्कि इसमें 4 से 6 महीने का समय लगता है. इस अवधि में शारीरिक परीक्षण, लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं. 

नियम का उद्देश्य

भारतीय सेना ने कहा है कि यह नियम स्थायी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और सेवा अनुशासन बनाए रखने के लिए लागू किया गया है. स्थायी सैनिक बनने की राह प्रदर्शन और मेरिट पर आधारित होती है. अगर कोई अग्निवीर चयन प्रक्रिया के बीच विवाह करता है, तो उसका आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा और उसे स्थायी सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा. यह नियम सुनिश्चित करता है कि उम्मीदवार इस अवधि में पूरी तरह अपने प्रदर्शन और परीक्षण पर ध्यान केंद्रित रख सके.

कब कर सकते हैं शादी?

नए नियम के अनुसार, अग्निवीरों को स्थायी सैनिक के रूप में नियुक्ति पत्र मिलने तक विवाह से दूर रहना होगा. स्थायी नियुक्ति की घोषणा के बाद ही उन्हें शादी की अनुमति मिलेगी. सेवा पूरी होने के बाद स्थायीकरण प्रक्रिया सामान्यतः 4 से 6 महीने में समाप्त हो जाती है. यानी अग्निवीरों को अपनी चार साल की सेवा के बाद केवल कुछ महीनों का अतिरिक्त इंतजार करना होगा. इसके बाद वे बिना किसी प्रतिबंध के अपनी इच्छा और सुविधा के अनुसार शादी कर सकते हैं.

2022 बैच की स्थिति

अग्निवीर योजना की शुरुआत 2022 में हुई थी और अब पहले बैच की सेवा 2026 में समाप्त होने वाली है. इस बैच में करीब 20 हजार युवा शामिल थे. जून और जुलाई 2026 तक यह बैच सेवामुक्त हो जाएगा. सेना ने यह भी साफ किया है कि स्थायी सेना में केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को शामिल किया जाएगा. यह चयन शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा, व्यवहार मूल्यांकन और समग्र प्रदर्शन के आधार पर होगा. सफल उम्मीदवारों को स्थायी सेवा में प्राथमिकता दी जाएगी.

नियम तोड़ने पर परिणाम

सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चयन प्रक्रिया के दौरान विवाह करने वाले अग्निवीर को स्थायी सेवा की दौड़ से तुरंत बाहर कर दिया जाएगा. आवेदन स्वीकार नहीं होगा, चाहे उसका प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ क्यों न हो. यह निर्णय सभी उम्मीदवारों के लिए समान रूप से लागू रहेगा. इसलिए अग्निवीरों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि में धैर्य बनाए रखें और नियमों का पालन करें. किसी भी तरह के अनुचित साधन का उपयोग या नियमों की अनदेखी सेवा अवसर को प्रभावित कर सकती है.

नियुक्ति के बाद राहत

जो अग्निवीर स्थायी सैनिक के रूप में चयनित हो जाएंगे, उन पर शादी संबंधी यह प्रतिबंध लागू नहीं रहेगा. नियुक्ति मिलने के बाद वे अपनी इच्छा और परिवार की योजना के अनुसार विवाह कर सकते हैं. सेना ने कहा है कि यह नियम केवल चयन प्रक्रिया की अवधि तक सीमित है. स्थायी सेना में शामिल होने के बाद अग्निवीरों को सामान्य सैनिकों की तरह सभी वैवाहिक सुविधाएं और जीवन योजनाओं की स्वतंत्रता दी जाएगी. यह फैसला युवाओं के प्रदर्शन को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से लिया गया है.