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बेड़ियां, जेल जंपसूट और नारंगी जूते, लंगड़ाते हुए कोर्ट पहुंचे निकोलस मादुरो!

वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का रसूख और सत्ता का गुरूर सोमवार को मैनहट्टन की सड़कों पर खाक होता नजर आया.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
बेड़ियां, जेल जंपसूट और नारंगी जूते, लंगड़ाते हुए कोर्ट पहुंचे निकोलस मादुरो!
Courtesy: X

नई दिल्लीः वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का रसूख और सत्ता का गुरूर सोमवार को मैनहट्टन की सड़कों पर खाक होता नजर आया. काराकास के आलीशान महल से सीधे अमेरिकी जेल की सलाखों तक पहुंचे 63 वर्षीय मादुरो को आज भारी सुरक्षा के बीच फेडरल कोर्टहाउस में पेश किया गया. यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था कि जब एक दौर के ताकतवर तानाशाह को हेलीकॉप्टर से उतारकर बख्तरबंद गाड़ी में कोर्ट ले जाया गया.

जेल जंपसूट में दिखा पूर्व राष्ट्रपति का नया रूप

कल तक सूट-बूट में दिखने वाले मादुरो आज हल्के भूरे रंग के जेल जंपसूट और चमकीले नारंगी जूतों में नजर आए. चश्मदीदों के मुताबिक, ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के एजेंटों के साथ चलते समय मादुरो थोड़ा लंगड़ा रहे थे. उनके चेहरे पर सत्ता खोने का दर्द और कानूनी शिकंजे का डर साफ झलक रहा था. उनके पीछे उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस भी हिरासत में दिखीं, जिन्हें इस पूरे नार्को-नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है.

ड्रग्स, हथियार और आतंकवाद

मैनहट्टन की अदालत में मादुरो पर जो आरोप पत्र पेश किया गया है, वह दहला देने वाला है. अभियोजकों ने उन पर चार मुख्य आरोप लगाए हैं:

नार्को-टेररिज्म की साजिश: आतंकियों के साथ मिलकर काम करना.

कोकीन आयात की साजिश: अमेरिका में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भेजना.

विनाशकारी हथियारों का अवैध कब्ज़ा: मशीन गन और घातक हथियारों का इस्तेमाल.

हिंसक गिरोहों को संरक्षण: सिनालोआ कार्टेल और खूंखार 'ट्रेन डे अरागुआ' गिरोह को लॉजिस्टिकल सपोर्ट देना.

राजनयिक पासपोर्ट और रिश्वत का काला खेल

आरोप पत्र के अनुसार, मादुरो ने पिछले 25 वर्षों में वेनेजुएला के सरकारी संस्थानों को ड्रग तस्करी का अड्डा बना दिया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने तस्करों को राजनयिक पासपोर्ट बेचे ताकि वे ड्रग्स की कमाई को बिना किसी रोक-टोक के इधर-उधर ले जा सकें. इतना ही नहीं, उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस पर 2007 में ड्रग्स तस्करों और एंटी-ड्रग्स चीफ के बीच गुप्त बैठकें कराने और रिश्वत लेने का आरोप है.

क्या होगा आगे?

ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर से शुरू हुआ यह सफर अब उम्रकैद की सजा तक जा सकता है. अमेरिकी अभियोजकों का दावा है कि उनके पास मादुरो के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं कि उन्होंने अपने विरोधियों के अपहरण और हत्याओं के आदेश दिए थे.

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