सोमवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. दोनों बेंचमार्क इंडेक्स जबरदस्त गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए. सेंकेक्स में 1048 अंकों की गिरावट देखने को मिली जबकि निफ्टी 313 अंक साफ हो गया.
मिडिल ईस्ट में तनाव (अमेरिका, इजरायल और ईरान संघर्ष) इस गिरावट की प्रमुख वजह बना. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद मध्य पूर्व में हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं जिसके कारण बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है. इस अनिश्चितता के डर ने निवेशकों को भारी बिकवाली के लिए मजबूर कर दिया. अगर यह संघर्ष लंबा चला तो बाजार में यह गिरावट और अधिक गहरा सकती है.
सोमवार को सेंसेक्स ने 78,543 के लेवल की ओपनिंग दी और और दिन के आखिर तक यह 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,238 के लेवल पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी ने सोमवार को 24,659 के लेवल पर ओपनिंग दी और दिन के आखिर तक यह 1.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,865 के लेवल पर बंद हुआ.
शेयर बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों को एक ही दिन में 6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. बीएसई में लिस्टेट कंपनियों का मार्केट कैप 463.50 लाख करोड़ से घटकर 457 लाख करोड़ रुपए रह गया.
निफ्टी की 50 कंपनियों में सबसे ज्यादा बढ़त क्वालिटी वॉल्स के शेयर्स में देखने को मिली. कंपनी का शेयर 7.24 प्रतिशत चढ़ा. वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 2.09 प्रतिशत, हिंडाल्को का 1.66 प्रतिशत और ओएनजीसी के शेयर में 0.90 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली.
वहीं सबसे अधिक नुकसान इंडिगो को हुआ. कंपनी के शेयर में 6.36 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली. एलएंडटी में 4.95 प्रतिशत, अडाणी पोर्ट्स में 3.34 प्रतिशत, मारुति सुजुकी में 3.16 प्रतिशत और टाटा मोटर्स में 3.15 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली.
बाजार में अस्थिरता दर्शाने वाला इंडिया VIX इंडेक्स 25% से ज्यादा चढ़कर नौ महीने के उच्चतम स्तर 17.13 पर पहुंच गया जो निवेशकों में डर के माहौल को दर्शाता है.