नई दिल्लीः वेनेजुएला में तख्तापलट और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के ठीक 24 घंटे बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अगले इरादों से पूरी दुनिया को चौंका दिया है. ट्रंप के ताजा बयानों ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका अब आक्रामक मोड में है और अब वह अपने आस-पास किसी को आने नहीं देगा. ट्रंप की इस हिट लिस्ट में ग्रीनलैंड, कोलंबिया और क्यूबा जैसे देश सबसे ऊपर नजर आ रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर डेनमार्क के नियंत्रण वाले ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की मांग दोहराई है. ट्रंप का तर्क है कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा अब अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है. उन्होंने चेतावनी दी कि वहां रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. ट्रंप ने सीधे शब्दों में कहा कि डेनमार्क इस द्वीप की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है.
ट्रंप के निशाने पर सिर्फ ग्रीनलैंड ही नहीं, बल्कि दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया भी है. ट्रंप ने कोलंबिया पर वैश्विक कोकीन कारोबार को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अगर कोलंबिया ने ड्रग तस्करी पर लगाम नहीं लगाई, तो अमेरिका वहां सैन्य हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटेगा. इसके साथ ही, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को भी चेतावनी दी है कि वे 'गंभीर मुश्किलों' के लिए तैयार रहें.
जानकारों का मानना है कि ट्रंप अपनी नई नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी के तहत 19वीं सदी की मुनरो डॉक्ट्रिन को वापस ला रहे हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि अमेरिका अपने आसपास के इलाकों में किसी भी बाहरी शक्ति रूस या चीन का दखल बर्दाश्त नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर सैन्य ताकत का इस्तेमाल करेगा. ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला की तरह वह अन्य पड़ोसी देशों में भी अमेरिकी वर्चस्व की बहाली चाहते हैं.
ट्रंप के इन बयानों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने दो टूक कहा है कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और अमेरिका को उस पर कब्जा करने का कोई हक नहीं है. यूरोपीय संघ ने भी ट्रंप के इस अड़ियल रवैये पर चिंता जताई है.