menu-icon
India Daily

PM नेतन्याहू का ऑफर हिजबुल्ला करेगा स्वीकार! साउथ लेबनान से पीछे हटने की रखी ये कठिन शर्त

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लेबनानी कैबिनेट ने अहम फैसला लेते हुए हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने का निर्णय लिया है. उन्होंने इसका स्वागत करते हुए कहा कि इजरायल भी इस फैसले पर सहमत है और इस साल के अंत तक हिज्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करेंगे.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
PM नेतन्याहू का ऑफर हिजबुल्ला करेगा स्वीकार! साउथ लेबनान से पीछे हटने की रखी ये कठिन शर्त
Courtesy: Social Media

Netanyahu on Hezbollah:  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनानी कैबिनेट में लिए गए फैसले का स्वागत किया है. लेबनानी कैबिनेट ने फैसला लिया है कि 2025 के अंत तक हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करेंगे. उनके इस फैसले पर इजरायल की ओर से यह भरोसा दिलाया गया है कि ऐसा करने पर इजरायल के सैनिक देश से वापस लौट सकते हैं. 

नेतन्याहू ने इजरायल की ओर से लेबनानी सरकार (राष्ट्रपति औन और प्रधानमंत्री सलाम) द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण फैसले की सराहना की है. उन्होंने कहा कि अगर लेबनान हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने के लिए अगर कदम उठाा है तो इजरायल भी दक्षिणी लेबनान से सेना की चरणबद्ध वापसी करेगी.

हिज़्बुल्लाह नेताओं ने किया इंकार 

पीएम नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल और लेबनान दोनों के लिए हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के साझा उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित करने का समय आ गया है. इजरायली पीएम की यह टिप्पणी पिछले साल हुए इज़राइल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष के बाद से जारी तनाव के बीच आई है. हालांकि इस संघर्ष पर नवंबर में अमेरिका की मध्यस्थता की वजह से विराम लगा था. वहीं हिज़्बुल्लाह नेताओं ने निरस्त्रीकरण की मांगों को खारिज कर दिया है और जोर देकर कहा है कि इजरायल को पहले लेबनान के अंदर पांच विवादित पहाड़ियों से हटना होगा और लगभग हर दिन कर रहे हमले को बंद करना होगा. ईरान समर्थित समूह 14 महीने के युद्ध में अपने कई वरिष्ठ नेताओं और लड़ाकों को खो दिया, जिसके बाद से इसकी स्थिति कमजोर हो गई.

पांच चौकियों पर चर्चा की जरूरत 

लेबनान के नेतृत्व ने बेरूत पर अमेरिकी और इजरायली दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया है और कहा है कि निरस्त्रीकरण केवल इजरायल के हितों की पूर्ति करेगा. युद्धविराम समझौते के मुताबिक, हिज़्बुल्लाह को लिटानी नदी के दक्षिण के इलाकों से अपने लड़ाके और हथियार वापस बुलाने थे, हालांकि समझौते में यह स्पष्ट नहीं था कि नदी के उत्तर में स्थित उसकी सुविधाओं का प्रबंधन कैसे किया जाएगा. लेबनान का कहना है कि यह समझौता केवल दक्षिणी लेबनान पर लागू होता है, जबकि इज़रायल और अमेरिका का तर्क है कि यह पूरे देश में निरस्त्रीकरण को अनिवार्य बनाता है.