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India Daily

ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच क्यों खाली कराई गई दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा?

828 मीटर ऊंचा बुर्ज खलीफा सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं बल्कि आवास, दफ्तर और ऑब्जर्वेशन डेक वाला विशाल परिसर है. इसकी ऊंचाई और पहचान के कारण इसे गिरते मलबे या संभावित हमले से खतरा ज्यादा माना गया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच क्यों खाली कराई गई दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा?
Courtesy: @imayanktiwari

मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब खाड़ी देशों तक पहुंच गया है. शनिवार को दुबई में तेज धमाकों और आसमान में मिसाइलों की गतिविधि की खबरों के बाद प्रशासन ने दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा (Burj Khalifa) को एहतियातन खाली करा दिया. अधिकारियों ने कहा कि यह कदम लोगों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, क्योंकि हवा में रोकी गई मिसाइलों के मलबे के गिरने का खतरा था. प्रत्यक्ष रूप से इमारत पर हमला होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने जोखिम को देखते हुए हजारों लोगों को तुरंत बाहर निकाला.

दुबई में धमाके, एयरपोर्ट संचालन ठप

ईरान की जवाबी कार्रवाई के दौरान खाड़ी क्षेत्र में कई जगह धमाकों की आवाजें सुनी गईं. दुबई के अलग-अलग इलाकों में लोगों ने खिड़कियां हिलने और आसमान में आग के गोले दिखने की बात कही. कुछ स्थानों पर धुआं उठता भी देखा गया. सुरक्षा हालात बिगड़ने के बाद दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) और अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (DWC) पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया. इसके साथ ही कतर, बहरीन और कुवैत ने भी अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, जिससे वैश्विक उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा.

यूएई में मिसाइल मलबा गिरने की पुष्टि

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अबू धाबी के रिहायशी इलाके में मिसाइल का मलबा गिरा, जिससे एक एशियाई नागरिक की मौत हो गई. सरकार ने इस हमले को क्षेत्रीय शांति के लिए खतरनाक बताया. ईरान ने कहा कि उसने अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. अबू धाबी का अल धफरा एयर बेस और दुबई का जेबेल अली पोर्ट ऐसे स्थान हैं, जहां अमेरिकी सैन्य गतिविधियां होती हैं.

क्यों खाली कराया गया बुर्ज खलीफा

828 मीटर ऊंचा बुर्ज खलीफा सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं बल्कि आवास, दफ्तर और ऑब्जर्वेशन डेक वाला विशाल परिसर है. इसकी ऊंचाई और पहचान के कारण इसे गिरते मलबे या संभावित हमले से खतरा ज्यादा माना गया.

धमाकों के बाद जैसे ही एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हुए, प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले इस परिसर को खाली कराने का फैसला लिया. अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह एहतियाती कदम था, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में जान-माल का नुकसान न हो.

 पूरे खाड़ी क्षेत्र में डर का माहौल

मिसाइल गतिविधियों की खबरें दोहा, रियाद और मनामा तक पहुंचीं. कई जगह सायरन बजे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया. आम तौर पर सुरक्षित माने जाने वाले खाड़ी देशों में ऐसे दृश्य दुर्लभ हैं, इसलिए लोगों में डर और अनिश्चितता बढ़ गई है. यूएई प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर भरोसा न करने और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देने की अपील की है. फिलहाल हालात पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. कुल मिलाकर, बुर्ज खलीफा को खाली कराना दुबई में बढ़ते खतरे और क्षेत्रीय संघर्ष के असर का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है.