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नाली बनाना ही भूल गए दुबई वाले, बाढ़ से हुआ मुंबई जैसा हाल तो समझ आई गलती!

खाड़ी के देशों में बारिश वैसे ही दुर्लभ है जैसे गधे के सिर में सींग. दुनियाभर से इंजीनियर बुलाकर दुबई ने चमचमाता शहर तो तैयार करा लिया लेकिन सड़कों पर ड्रेनेज सिस्टम ही नहीं बना पाए. यही वजह है कि दुबई जरा सी बारिश नहीं झेल पाती है.

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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) रेगिस्तान का स्वर्ग है. दुबई शहर का कोना-कोना शीशे की तरह झलकता है. इस देश में ऐसी-ऐसी आलीशान इमारतें बनी हैं, जिन्हें देखकर आपको अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश 'गरीब' लगेंगे. अरब के शहरों में बुर्ज खलीफा, मरीना 101, प्रिंसेज टॉवर, 23 मरीना, एलीट रेजिडेंस, आल्मस टॉवर और द टॉर्च जैसी इमारते हैं लेकिन ये शहर, 4.75 इंच की बारिश भी नहीं झेल पाते हैं.

बिना आंकड़ों के हम ऐसा नहीं कर रहे हैं. दुबई जैसा शहर एक बारिश नहीं झेल पाया है. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भीतर पानी लगा हुआ है. शहर की सड़कें पानी से लबालब डूबी हुई हैं. कई जगहों पर गाड़ियों में पानी घुस गया है. आवासीय इलाकों के मकानों में कमर तक पानी लगा हुआ है. दुबई की बारिश पर अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिन्हें देखकर यकीन ही नहीं होगा कि ये खाड़ी के वही देश हैं, जहां के लोग पानी के लिए तरसते हैं.

दुबई में क्लाइमेट चेंज का ऐसा असर होगा, किसी ने नहीं सोचा होगा. दुबई एयरपोर्ट पर बारिश की वजह से कई फ्लाइटें देरी से उड़ीं. दुबई शहर, वैसे ही नजर आ रहा है, जैसे बारिश के बाद मुंबई शहर नजर आता है. लोगों को स्थानीय प्रशासन ने सलाह दी है कि गलती से भी अपनी गाड़ी लेकर सड़क पर निकलें. कोशिश करें कि दुबई मेट्रो से सफर करें. सड़कों पर बेहद धीमी रफ्तार में दुबई पुलिस पेट्रोलिंग कर रही है और लोगों को हिदायत दे रही है कि लोग सड़कों पर कम से कम निकलें.

दुबई में हुई इस बारिश का असर यह है कि स्कूलों को बंद रखा गया है. अस्पतालों के ग्राउंड फ्लोर पर पानी है, लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं.  ज्यादातर लोगों को वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी है. बारिश और बाढ़ की ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिन्हें देखकर आप हिल जाएंगे कि कैसा ऐसा हो सकता है.

पनडुब्बी बन गए हैं एयरक्राफ्ट्स, तालाब बना एयरपोर्ट 

एयरपोर्ट का हाल तो ऐसा है कि कई विमान तक डूब गए हैं. सीएनएन की एक रिपोर्ट के मतुाबिक जेट्स पनडुब्बी की तरह नजर आ रहे हैं, एयरपोर्ट तालाब बन गया है. बुधवार को हुई आफत की बारिश ने दुबई का हाल बेहाल कर दिया है.  दुबई में कई फ्लाइटें डायवर्ट हुईं और कई उड़ानें देरी से हो रही हैं. ऐसी बारिश के लिए कभी दुबई तैयार नहीं था.



आखिर दुबई का हाल ऐसा क्यों हुआ? जो सिटी अपनी चंकाचौध से अमेरिका और युरोप के शहरों को फेल करती है, वो एक बारिश नहीं झेल पाई? जवाब यह है कि दुबई में कभी भीषण बारिश नहीं होती. जहां बारिश नहीं, वहां उससे बचने की तैयारी कैसी?

दुबई ही नहीं, खाड़ी के ज्यादातर देश, बारिश झेलने के लिए बने ही नहीं हैं. लेबनान में बारिश की वजह से 18 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. इन शहरों ने बारिश को झेलने लायक खुद को तैयार ही नहीं किया. सूखे से जूझ रहे देशों में बारिश, वैसे भी किसी दुआ की तरह आती है. अनियमित बारिश की वजह से दुबई एडमिनिस्ट्रेशन ने सड़कों के किनारे नालियां ही नहीं बनवाईं. हैं भी तो वे इतनी पतली हैं कि वे बाढ़ की स्थिति नहीं झेल सकतीं. 

दुबई में सड़कों से पानी खींचकर बाहर निकालने का भी कोई सिस्टम नहीं है. बारिश को लेकर ये शहर किसी भी तरह की तैयारी नहीं कर पाए. ड्रेनेज सिस्टम न होने की वजह से यहां जरा सी बारिश में सड़कें नदियां बन जाती हैं और घर किसी द्वीप की तरह नजर आते हैं. अब ऐसा हो सकता है कि दुबई, क्लाइमेट चेंज के चलते, अपने यहां ड्रेनेज सिस्टम पर काम करे. इस वर्ल्ड क्लास सिटी पर कमजोर ड्रेनेज सिस्टम, किसी काले धब्बे से कम नहीं है.