NSA डोभाल की 'दबंग' कूटनीति, ट्रंप के दबाव के आगे नहीं झुका भारत; US विदेश मंत्री को दिया था दो-टूक जवाब
भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता हुआ है. एनएसए अजीत डोभाल की कूटनीति ने तनाव कम कर रिश्तों को नई दिशा दी, जिससे टैरिफ में भारी कटौती और आर्थिक सहयोग का नया मार्ग प्रशस्त हुआ है.
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संबंधों में एक बड़ा मोड़ आया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ कटौती की घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक कड़वाहट खत्म होती दिख रही है. इस महत्वपूर्ण समझौते के पीछे की कहानी एनएसए अजीत डोभाल की दृढ़ता और दूरगामी सोच से जुड़ी है. उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया था कि भारत दबाव में नहीं झुकेगा. डोभाल के इस रुख ने न केवल अमेरिका के साथ तनाव कम किया बल्कि आर्थिक साझेदारी को भी पहले से अधिक मजबूत बनाया है.
सितंबर में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रुबियो के साथ एक अत्यंत गोपनीय बैठक की थी. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, डोभाल ने साफ शब्दों में कहा था कि भारत किसी भी तरह के दबाव में नहीं आने वाला है. उन्होंने रुबियो को समझाया कि भारत रिश्तों की कड़वाहट को भुलाकर ट्रेड डील पर बातचीत शुरू करना चाहता है. डोभाल का यह संदेश प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात के तुरंत बाद अमेरिका तक पहुंचा था.
बैठक के दौरान डोभाल ने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ, तो भारत ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल खत्म होने तक इंतजार कर सकता है. उन्होंने रुबियो को याद दिलाया कि भारत ने पहले भी अमेरिका में विरोधी सरकारों का सफलतापूर्वक सामना किया है. भारत चाहता था कि ट्रंप और उनके सलाहकार सार्वजनिक रूप से भारत की आलोचना कम करें ताकि रिश्ते पटरी पर लौट सकें. इस दृढ़ता ने अमेरिकी अधिकारियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि बराबरी के स्तर पर बातचीत ही सर्वोत्तम विकल्प है.
तनाव कम होने की शुरुआत
डोभाल और रुबियो की मुलाकात के कुछ समय बाद ही सकारात्मक संकेत दिखने शुरू हो गए. 16 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर ट्रंप ने खुद फोन कर उन्हें बधाई दी और उनके कार्यों की सराहना की. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच फोन पर संवाद बढ़ गया और साल के अंत तक चार बार और बातचीत हुई. इस निरंतर संपर्क ने पुराने मतभेदों को मिटाकर व्यापार समझौते की ओर बढ़ने के लिए एक ठोस और विश्वसनीय जमीन तैयार कर दी.
व्यापार समझौते की बड़ी घोषणा
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ हुए नए व्यापार समझौते की पुष्टि की है. इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है, जो एशिया के ज्यादातर देशों की तुलना में काफी कम है. इसके अलावा, रूसी तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाया गया 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ भी पूरी तरह हटा दिया गया है. ट्रंप ने मोदी के साथ हुए इस करार को वैश्विक व्यापार मंच पर एक बड़ी उपलब्धि बताया है.
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