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पाकिस्तान में किसकी बनेगी सरकार? नवाज शरीफ और इमरान खान दोनों ने किया जीत का दावा

Pakistan Election: पाकिस्तान में चुनाव अस्थिर और अनिश्चित परिणामों की ओर बढ़ चुके हैं जहां इमरान खान और नवाज शरीज जैसे दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है.

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Antriksh Singh
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Pakistan Election Result:  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्रियों नवाज शरीफ और इमरान खान ने शुक्रवार को चुनाव में जीत का दावा किया. शरीफ की पार्टी ने सबसे अधिक सीटें जीतीं, लेकिन खान के समर्थक निर्दलीय उम्मीदवारों ने कुल मिलाकर सबसे अधिक सीटें जीतीं.

शरीफ ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन सरकार बनाने के लिए अन्य समूहों से बात करेगी. इसी बीच विश्लेषकों ने भविष्यवाणी की थी कि कोई स्पष्ट विजेता नहीं होगा, जिससे देश की मुसीबतें बढ़ सकती हैं.

निर्दलीय उम्मीदवारों ने सबसे अधिक सीटें जीती

गिनती होने तक फिलहाल के परिणामों से पता चला कि निर्दलीय उम्मीदवारों ने सबसे अधिक सीटें जीती थीं, जिनमें से अधिकांश खान द्वारा समर्थित थे. शरीफ की पार्टी को 69 सीटें मिलीं, जबकि बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी को 51 सीटें मिलीं.

मुस्लिम लीग सबसे बड़ी पार्टी बनी

बाकी सीटें छोटे दलों और अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं. मुस्लिम लीग सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. पार्टी के नेता नवाज शरीफ ने लाहौर शहर में समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "यह हमारा कर्तव्य है कि देश को इस मुश्किल से बाहर निकालें." 

उन्होंने उन सभी को सम्मान दिया जिन्हें लोगों का समर्थन मिला है, चाहे वो किसी भी पार्टी या निर्दलीय उम्मीदवार हों. शरीफ ने कहा, "हम उन्हें साथ बैठने और देश को दोबारा खड़ा करने में मदद करने का आह्वान करते हैं."

AI इनेबल्ड स्पीच में इमरान ने जीत का जश्न मनाने के लिए कहा

दूसरी तरफ, इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी किया. उन्होंने नवाज शरीफ की जीत के दावे को खारिज करते हुए कहा कि असली विजेता उनकी पार्टी पीटीआई है. उन्होंने अपने समर्थकों को जश्न मनाने की अपील की. खान ने कहा कि बहुत से लोगों ने चुनाव में धांधली की है, इसलिए उनकी पार्टी नवाज शरीफ की जीत को नहीं मानेगी.

जेल में हैं इमरान

क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी खान  पिछले अगस्त से जेल में हैं. उनको चुनाव से पहले तीन मामलों - गुप्त सूचनाओं के लीक, भ्रष्टाचार और गैरकानूनी शादी - में दोषी ठहराया गया था. अब उन्हें क्रमशः 10, 14 और 7 साल की सजा मिली है.

शरीफ को सेना का सपोर्ट

तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ, 74 साल की उम्र में चार साल के स्वेच्छित निर्वासन के बाद ब्रिटेन से वापस लौटे हैं. उन्होंने पिछले चुनाव में जेल से ही लड़ा था क्योंकि उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया था.

शरीफ को देश का नेतृत्व करने वाला सबसे मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा था, क्योंकि उन्होंने सेना से अपने पुराने झगड़े को खत्म कर लिया था.

गठबंधन की कोशिश

शरीफ ने कहा कि उनकी पार्टी को अपने दम पर बहुमत मिलना अच्छा होता, लेकिन ऐसा न होने पर वह दूसरे दलों से बातचीत करेंगे, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की PPP पार्टी भी शामिल है.

खान के एक सहायक ने बताया कि उनकी पार्टी के नेता आपस में चर्चा करेंगे और शनिवार को जेल में खान से भी मिलेंगे.

बता दें, पाकिस्तान की जटिल चुनाव प्रणाली में निर्दलीय सांसद अकेले सरकार नहीं बना सकते हैं. इसमें रिजर्व सीटें भी शामिल हैं, जो पार्टियों को उनके जीत के आधार पर दी जाएंगी.

लेकिन निर्दलीय सांसदों के पास चुनाव के बाद किसी भी पार्टी में शामिल होने का विकल्प होता है.

चुनाव के नतीजे और गठबंधन सरकार की चुनौतियां 

पाकिस्तान के चुनाव नतीजों में देरी होने से नीतियों और राजनीति में अनिश्चितता बनी हुई है. चुनाव में मुख्य लड़ाई इमरान खान की पार्टी पीटीआई और शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन के बीच थी. खान का आरोप है कि सेना उनकी पार्टी को सत्ता से बाहर करने की कोशिश कर रही है, जबकि विश्लेषकों का कहना है कि शरीफ को सेना का समर्थन है.

पाकिस्तान में सेना का काफी दखल रहा है, लेकिन वो कहती है कि राजनीति में दखल नहीं देती.

विश्लेषकों का कहना है कि गठबंधन सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. अमेरिका के मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के मार्विन वेनबाम का कहना है कि गठबंधन सरकार शायद अस्थिर और कमजोर होगी और इसका नुकसान सेना को होगा. उन्होंने कहा कि चुनाव से पाकिस्तान के संकटों का समाधान होने की उम्मीद थी, लेकिन अनिश्चित नतीजे और भी ज्यादा अस्थिरता पैदा कर सकते हैं.

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First Published : 10 February 2024, 03:52 AM IST