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India Daily

बूट-पॉलिश की राजनीति में दफन हुई फिलिस्तीन की आवाज, पाकिस्तान ने ट्रंप को बनाया अपना आका, घर में ही घिरे मुनीर और शरीफ

अमेरिका का हितेशी और उनका प्रिय मित्र बनने के लिए पाकिस्तान किसी भी हद तक जा सकता है. पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसीम मुनिर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ट्रंप के पैर छूने के लिए लगातार तैयार रहते हैं.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
बूट-पॉलिश की राजनीति में दफन हुई फिलिस्तीन की आवाज, पाकिस्तान ने ट्रंप को बनाया अपना आका, घर में ही घिरे मुनीर और शरीफ
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नई दिल्ली: अमेरिका का हितेशी और उनका प्रिय मित्र बनने के लिए पाकिस्तान किसी भी हद तक जा सकता है. पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसीम मुनिर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ट्रंप के पैर छूने के लिए लगातार तैयार रहते हैं. ऐसे ही एक बार फिर देखने को मिल रहा है.

ट्रंप ने राजनीति और कूटनीति की पूरी ताकत लगा दी है. उन्होंने बोर्ड ऑफ पीस के लिए कई देशों को निमंत्रण भेजा था. इस निमंत्रण को खुले हाथ से पाकिस्तान ने शत-शत नमन करके स्वीकार कर लिया. इस फैसले ने पाकिस्तान की आम जानता को यह साबित कर दिया कि उनकी सरकार ट्रंप प्रशासन के तलवे चाटने में व्यस्त है. अब सोशल मीडिया से लेकर कई जगह इनकी खिल्ली उड़ाई जा रही है. ऐसे इसलिए क्योंकि पाकिस्तान उस मंच पर खड़ी है, जहां इजराइल भी है. बता दें कि पाकिस्तान और मुस्लिम देश इजराइल के सख्त खिलाफ हैं.

सत्ता की मजबूरी या सिद्धांतों का सौदा?

एक तरफ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर की सरकार इसे शांति की कोशिश करार दे रही है. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के बुद्धिजीवी, पत्रकार और पूर्व राजनयिक इसे आत्मा का सौदा कह रहे हैं. पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने बड़ी बेबाकी से सवाल उठाया क्या ट्रंप को खुश करना हमारे सिद्धांतों से ज्यादा अहम हो गया है. मलीहा लोधी की यह चिंता उन लाखों फिलिस्तीनियों की सिसकियों से जुड़ी है, जिनके खिलाफ खड़े इजरायल के साथ अब पाकिस्तान एक ही मंच पर बैठने जा रहा है.

कायद-ए-आजम के साथ गद्दारी

पाकिस्तान के पूर्व कानून मंत्री बाबर अवान का गुस्सा उनकी कलम से साफ झलक रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तीखी आलोचना करते हुए इसे बूट-पॉलिश की आदत करार दिया. अवान का कहना है कि नेतन्याहू जैसे 'युद्ध अपराधी' के साथ हाथ मिलाना फिलिस्तीनी शहीदों के खून के साथ गद्दारी और कायद-ए-आजम जिन्ना के आदेशों की अवहेलना है.

दुनिया की सबसे बड़ी पाखंडी राजनीति

वरिष्ठ पत्रकार बकीर सज्जाद ने इसे मुस्लिम दुनिया की सबसे बड़ी पाखंडी राजनीति बताया है. सोशल मीडिया पर आम पाकिस्तानी अपनी ही सरकार पर लानत भेज रहे हैं. लोगों का कहना है कि गाजा के बच्चे भूख और बमबारी से मर रहे हैं. वहां पाकिस्तान एक अरब डॉलर की एंट्री फीस देकर अमीरों के उस क्लब का हिस्सा बन रहा है, जिसका असली मकसद ट्रंप की निजी सत्ता को मजबूत करना है.