नई दिल्ली: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान में चल रहे विरोध-प्रदर्शन का सपोर्ट किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका उन सभी के साथ खड़ा है जो शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. अमेरिका ईरान के नागरिकों के साथ है. हालांकि जब उनसे इजरायल को लेकर सवाल किया गया तो उनका जबाव साफ नहीं मिला.
व्हाइट हाउस में जब उनसे पूछा गया कि इजरायल अगर ईरान में न्यूक्लियर साइट्स पर हमला करता है तो क्या अमेरिका उसका हिस्सा बनेगा? जिसपर अपनी बात को दोहराते हुए वेंस ने कहा कि अमेरिका उन सभी के साथ खड़ा रहेगा जो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेगा. उन्होंने कहा कि ईरान के लिए सबसे ज्यादा समझदारी वाली बात यह होगी कि वह अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम के बारे में अमेरिका के साथ बात करें.
जेडी वेंस ने कहा कि हम निश्चित रूप से उन सभी के साथ खड़े हैं जो अपनी आवाज उठाना चाहता है. उन्होंने कहा कि जाहिर है, ईरानी सरकार को बहुत सारी समस्याएं हैं. उनके लिए सबसे समझदारी वाली बात यही होगी कि वे अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम के बारे में अमेरिका के साथ असल में बातचीत करें कि हम क्या देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम निश्चित रूप से दुनिया भर में किसी भी व्यक्ति के साथ खड़े हैं जो अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना चाहते हैं. जिसमें ईरानी लोग भी शामिल है.
ईरान में लोग बढ़ती कीमतों, घटती नौकरियां, आर्थिक मुश्किलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. गुरुवार को आंधी रात में लोग सड़क पर उतर आएं. कुछ जगहों पर सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़प की भी खबर है. वहीं सरकार ने प्रदर्शनकारियों को एकजुट होने से रोकने के लिए इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद कर दी है. जिसकी वजह से ऑनलाइन लोग डिस्कनेक्ट हो गए हैं.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इससे पहले एक बयान जारी कर ईरान के अंदरूनी मामलों पर अमेरिकी अधिकारियों की दखल देने वाली और धोखे वाली टिप्पणियों की निंदा की. साथ ही उन्हें महान ईरान देश के प्रति वाशिंगटन की दुश्मनी जारी रहने का एक साफ संकेत बताया. ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के आंतरिक मामलों में दखल पर बयान दिया. मंत्रालय ने कहा कि ऐसे रुख ईरानी लोगों की चिंता के कारण नहीं, बल्कि दबाव, धमकियों और ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल देने के नियत से अपनाए जाते हैं.