नई दिल्ली: बांग्लादेश और अमेरिका के बीच लंबी बातचीत के बाद एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता हुआ है. अमेरिका ने बांग्लादेशी निर्यात पर लगने वाले टैरिफ को काफी कम कर दिया है. अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को इसकी घोषणा की.
यह कदम बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग के लिए राहत की खबर है, क्योंकि वहां का सबसे बड़ा निर्यात अमेरिका जाता है. समझौते से न केवल रोजगार सुरक्षित होंगे, बल्कि वैश्विक बाजार में बांग्लादेश की स्थिति भी मजबूत होगी. यह फैसला ठीक चुनाव से पहले आया है, जब अंतरिम सरकार आर्थिक स्थिरता का संदेश देना चाहती है.
अप्रैल में अमेरिका ने बांग्लादेशी सामान पर 37 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा था. कई दौर की बातचीत के बाद अगस्त में इसे घटाकर 20 प्रतिशत किया गया. अब नए समझौते में इसे और कम कर 19 प्रतिशत पर लाया गया है. यूनुस ने इसे बांग्लादेश के लिए बड़ी जीत बताया है. इससे कपड़ा निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद होगी.
समझौते का सबसे अहम हिस्सा यह है कि अमेरिकी कच्चे माल से बने कुछ बांग्लादेशी कपड़ा और परिधान उत्पादों को पूरी तरह ड्यूटी-फ्री यानी शून्य टैरिफ पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश मिलेगा. नौ महीने की कठिन वार्ता के बाद यह रियायत मिली है. इससे बांग्लादेशी फैक्ट्रियों को अमेरिकी कपड़ा आयात कर उत्पाद बनाने और सीधे बेचने में फायदा होगा.
बांग्लादेश की ओर से वाणिज्य सलाहकार शेख बशीर उद्दीन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलील-उर रहमान ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए. अमेरिका की ओर से ट्रेड प्रतिनिधि एंबेसडर जैमीसन ग्रीर ने साइन किए. व्हाइट हाउस ने भी पुष्टि की कि दोनों देशों ने गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने पर सहमति जताई है. इससे व्यापार और आसान होगा.
गौरतलब है कि बांग्लादेश में गुरुवार को आम चुनाव होने हैं. अगस्त 2024 से अंतरिम सरकार सत्ता में है, जब शेख हसीना भारत चली गईं. हाल में हिंसा की घटनाओं से माहौल तनावपूर्ण है. ऐसे में यह व्यापार समझौता अंतरिम सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है. यह दिखाता है कि सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश में जुटी है और वैश्विक साझेदारों से समर्थन हासिल कर रही है.