US President Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल आयात को लेकर भारत पर लगाए गए नए प्रतिबंधों का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि आगे और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं. ट्रंप ने दावा किया कि इन प्रतिबंधों से रूस को पहले ही 'सैकड़ों अरब डॉलर' का नुकसान हो चुका है. उन्होंने कहा कि 'दूसरे और तीसरे चरण' की कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है.
यह टिप्पणी वॉशिंगटन स्थित ओवल ऑफिस में पोलिश राष्ट्रपति करोल नवरोकी के साथ मुलाकात के दौरान आई. जब एक पोलिश पत्रकार ने पूछा कि रूस के प्रति आक्रामक बयानबाजी के बावजूद ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए, तो ट्रंप नाराज हो गए.
ट्रंप ने पलटकर करते हुए कहा कि, 'आपको कैसे पता कि कोई कार्रवाई नहीं हुई? क्या आप कहेंगे कि चीन के बाहर सबसे बड़े खरीदार भारत पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाना लगभग बराबर है? इससे रूस को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हुआ. आप इसे कोई कार्रवाई नहीं कहेंगे? और मैंने अभी तक दूसरा या तीसरा चरण पूरा नहीं किया है. लेकिन जब आप कहते हैं कि कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मुझे लगता है कि आपको कोई नई नौकरी ढूंढ लेनी चाहिए.'
ट्रंप ने कहा कि भारत को उनकी स्थिति साफ-साफ बता दी गई है. उन्होंने कहा, 'दो हफ्ते पहले, मैंने कहा था, अगर भारत खरीदता है, तो भारत को बड़ी समस्याएं होंगी, और यही होता है.'
बीजिंग में हाल ही में पुतिन, शी जिनपिंग और किम जोंग उन की उपस्थिति को लेकर सवाल पर ट्रंप ने दोहराया कि उनकी सरकार पहले ही भारत पर प्रतिबंध लगाकर मास्को को निशाना बना चुकी है. अमेरिका ने भारत पर 25% पारस्परिक शुल्क और रूस से आयातित तेल पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाया है. 27 अगस्त से लागू इन नए कदमों के बाद कुल आयात शुल्क 50% तक पहुंच गया है.
ट्रंप ने एक बार फिर भारत पर अनुचित शुल्क नीतियों का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'भारत दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ वाला देश था. अब उन्होंने मुझे भारत में कोई टैरिफ़ नहीं दिया है. कोई टैरिफ नहीं.' उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक भारत-अमेरिका व्यापार संबंध एकतरफा रहे हैं और उनके प्रशासन के आने के बाद अमेरिका ने मजबूत कदम उठाए हैं.