US Pizza Theory: इधर सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ 'Trump is Dead', उधर पेंटागन में अचानक बढ़ गई पिज्जा की डिमांड, क्या है कनेक्शन?
जब भी अमेरिका किसी संकट का सामना करता है या युद्ध की तैयारियों में जुटता है तो व्हाइट हाउस और पेंटागन के आसपास के पिज्जा आउटलेट्स में बिक्री अचानक तेज हो जाती है.
US Pizza Theory: जब भी अमेरिका किसी संकट का सामना करता है या युद्ध की तैयारियों में जुटता है तो व्हाइट हाउस और पेंटागन के आसपास के पिज्जा आउटलेट्स में बिक्री अचानक तेज हो जाती है. यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि एक ऐसा पैटर्न है जो 1990 के दशक से देखा जा रहा है. चाहे वह 1998 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का महाभियोग हो या हाल ही में 'ईरान-इजरायल तनाव' में अमेरिका की भूमिका, यह "पिज्जा थ्योरी" बार-बार सामने आती है.
हाल ही में जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई दिनों तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए, तो सोशल मीडिया पर "Trump Is Dead" हैशटैग तेजी से ट्रेंड करने लगा. इस अफवाह ने न केवल सोशल मीडिया पर हलचल मचाई, बल्कि व्हाइट हाउस और पेंटागन के आसपास के पिज्जा आउटलेट्स में भी गतिविधियां बढ़ गईं. पिज्जा की बिक्री में अचानक उछाल देखा गया. एक्स प्लेटफॉर्म पर हजारों पोस्ट्स में इस हैशटैग के वायरल होने के साथ ही, पेंटागन पिज्जा रिपोर्ट (PPR) नामक एक अकाउंट ने संकेत दिया कि "शायद कुछ हो रहा है." यह अकाउंट व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस और सैन्य मुख्यालयों के पास पिज्जा की बिक्री पर नजर रखता है.
पिज्जा थ्योरी की शुरुआत
इस अनोखी "पिज्जा थ्योरी" की नींव कोल्ड वॉर के दौरान सोवियत रूस की खुफिया एजेंसियों ने रखी थी. उन्होंने देखा कि जब भी अमेरिका किसी संकट का सामना करता है या सैन्य कार्रवाई की योजना बनाता है, तो व्हाइट हाउस और पेंटागन में पिज्जा डिलीवरी में तेजी आती है. इस थ्योरी का पहला सार्वजनिक प्रमाण 1 अगस्त 1990 को मिला, जब वाशिंगटन में डोमिनोज की फ्रेंचाइजी के मालिक फ्रैंक मीक्स ने देखा कि सीआईए की बिल्डिंग में पिज्जा डिलीवरी अचानक बढ़ गई. अगले ही दिन इराक ने कुवैत पर हमला कर दिया. फ्रैंक मीक्स ने लॉस एंजिल्स टाइम्स को बताया, "दिसंबर 1998 में जब राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के महाभियोग की सुनवाई चल रही थी, तब भी ऐसा ही पैटर्न देखा गया था."
पिज्जा की मांग क्यों बढ़ती है?
इसके पीछे का कारण बेहद सरल है. जब अमेरिका राष्ट्रीय आपातकाल या सैन्य संकट का सामना करता है, तो सैन्य कर्मचारी और अधिकारी लंबी शिफ्ट में काम करते हैं. ऐसी स्थिति में वे अपनी सीट छोड़ने में असमर्थ होते हैं और उन्हें तुरंत खाने योग्य, पेट भरने वाला भोजन चाहिए होता है. पिज्जा इस जरूरत को पूरी तरह पूरा करता है. यह जल्दी उपलब्ध होता है, आसानी से खाया जा सकता है और लंबे समय तक काम करने की ऊर्जा देता है.