241000 करोड़ स्वाहा और 42 प्लेन खाक… ईरान युद्ध ने US को रौंद डाला! क्या ये अमेरिका के लिए सबसे बड़ा झटका है?
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अब भी जारी है. हालांकि यह कब तक जारी रहने वाला है, इसके बारे में अभी कहना मुश्किल है.लेकिन यह बात तय है कि इस युद्ध के कारण अमेरिका का भारी नुकसान हुआ है.
अमेरिका ने ईरान के साथ लड़ाई शुरू करने से पहले शायद सोचा भी नहीं होगा कि उनकी ही चाल उन पर ही भारी पड़ने वाली है. दुनिया सामान्य ढंग से चल रही थी, तभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू कर दिया.
अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई जंग को अब तीन महीने पूरे होने वाले हैं. इस युद्ध ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. जब राष्ट्रपति ट्रंप ने इस लड़ाई को शुरू किया था तो शायद उन्होंने भी नहीं सोचा था कि यह लड़ाई इतनी लंबी हो जाएगी. लेकिन अब इसके खत्म होने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं. इस जंग के कारण अमेरिका का काफी नुकसान हुआ है.
दुनिया के सामने अमेरिकी की छवि
अमेरिका खुद को दुनिया के सामने एक महाशक्ति के रूप में पेश करता आया है. जब से राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला पर कब्जा किया, तब से उनका आत्मविश्वास कई गुना ज्यादा बढ़ गया. उन्होंने क्यूबा, ग्रीनलैंड और कनाडा जैसे देशों को भी खुलकर चेतावनी दी, जिसके बाद उनका सामना ईरान से हुआ. ईरान जब शायद इस लड़ाई के लिए तैयार भी नहीं था तब उस पर हमले किए गए, जिसमें उसका एक बड़ा नुकसान भी हुआ.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपनी जान गंवा दी. हालांकि इसके बाद ईरान और भी ज्यादा मजबूत हो गया. ऐसा लगा जैसे मानो अब खोने को कुछ नहीं बचा है. ईरान ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना शुरू किया. जिसका खामियाजा अमेरिका को उठाना पड़ा. सबसे पहले तो अमेरिका जो दुनिया के सामने खुद को सबसे महान देश बताता था, उसकी शक्ति ईरान के सामने फुस्स हो गई और इस घटना को पूरी दुनिया ने अपनी आंखों से देखा.
CRS की रिपोर्ट में खुलासा
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी छवि को दुनिया के सामने तो बिगड़ा ही साथ में अमेरिकी सेना का भी बड़ा नुकसान हुआ. अमेरिकी संसद की आधिकारिक रिसर्च विंग CRS की रिपोर्ट में बताया गया कि इस सैन्य अभियान में अमेरिकी सेना के 42 फाइटर जेट्स और 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. जानकारी के मुताबिक इस ऑपरेशन में अमेरिका के 24 रीपर ड्रोन और पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट, 4 घातक F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट्स, 2 स्पेशल ऑपरेशंस विमान, 1 रेस्क्यू हेलीकॉप्टर और 1 हाई-टेक जासूसी ड्रोन बर्बाद हो गए.
अमेरिकी सेना को हुए इस नुकसान का सीधा असर अमेरिकी खजाने पर पड़ा है. पेंटागन के एक्टिंग कंट्रोलर ने सांसदों को बताया कि ईरान के साथ चल रहे सैन्य अभियान का खर्च अब 29 अरब डॉलर यानी लगभग 2.4 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. बजट में बढ़ोतरी के पीछे सैन्य उपकरणों के बदलने या मरम्मत में होने वाले खर्च का कारण दिया गयाहै.