नई दिल्ली: अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहा व्यापार विवाद अब नए दौर में पहुंच गया है. कनाडा ने मंगलवार को जवाबी कार्रवाई करते हुए करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर के अमेरिकी सामान पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की. इन शुल्कों की चपेट में स्टील, डेयरी उत्पाद, कृषि उपकरण, घरेलू सामान और रोजमर्रा की कई वस्तुएं आएंगी. कुछ उत्पादों पर शुल्क 50 प्रतिशत तक होगा. यह फैसला अमेरिकी प्रशासन की ओर से कनाडाई सामान पर लगाए गए भारी टैरिफ के बाद आया है.
कनाडा ने अमेरिका से आने वाले 700 से अधिक उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाने का फैसला किया है. इनमें स्टील और एल्युमिनियम के अलावा पल्प और पेपर, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री भोजन, चीज, कपड़े, कॉस्मेटिक्स और टॉयलेट पेपर जैसे सामान भी शामिल हैं. नए शुल्कों की दर 15, 25 और 50 प्रतिशत तक होगी. कनाडा का कहना है कि वह अमेरिकी टैरिफ के अनुरूप अपनी जवाबी दरें तय कर रहा है.
कनाडा के नए टैरिफ 8 सितंबर से लागू किए जाएंगे. कई अमेरिकी उत्पादों पर मौजूदा 25 प्रतिशत शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा. इसका सबसे बड़ा असर स्टील और एल्युमिनियम क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है. कनाडा की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता किसी ठोस समझौते तक नहीं पहुंच सकी. इससे सीमा पार कारोबार करने वाली कंपनियों की चिंता बढ़ गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कनाडा को और कड़े टैरिफ की चेतावनी दी थी. उन्होंने कनाडाई वाहनों, ऑटो पार्ट्स और स्टील पर 50 प्रतिशत तक नया शुल्क लगाने की बात कही. ट्रंप ने कनाडाई नेतृत्व से अमेरिका के साथ सहयोग करने को कहा. उनके बयानों के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव और बढ़ने के संकेत मिले हैं.
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका पर कनाडा को अपने नियंत्रण में लाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि असफल व्यापार वार्ता के दौरान अमेरिका की मांगों से उसके इरादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. कार्नी के मुताबिक, इन मांगों का असर कनाडा के प्रमुख उद्योगों पर पड़ सकता है. कनाडा अब अपनी अर्थव्यवस्था और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है.
टैरिफ विवाद के बीच ट्रंप ने मंगलवार को एक और बयान देकर तनाव बढ़ा दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. यह बयान कनाडा के ओंटारियो प्रांत के प्रीमियर डग फोर्ड के साथ चल रहे विवाद के बीच आया है. इससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनातनी भी व्यापारिक विवाद के साथ चर्चा में आ गई है.