Russia Ukraine War: संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी सेना यूक्रेन में गंभीर रूप से मानवाधिकारों का उल्लंघन और युद्ध अपराध कर रही है. शुक्रवार को यूएन जांचकर्ताओं द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि मॉस्को कीव में व्यवस्थित तरीके से यातना और बलात्कार जैसे कार्यों को अंजाम दे रहा है.
यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस ने बड़े पैमाने पर कीव से क्षेत्रीय लाभ हासिल किया है. रूसी हमले के बाद यूक्रेन में मानवाधिकारों की स्थिति पर यूएन द्वारा उच्च स्तरीय जांच समिति ( COI) का गठन किया गया था. इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसे रूसी सेना द्वारा किए जा रहे युद्ध अपराधों के व्यापक सबूत मिले हैं.
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में नागरिक इलाकों में रूसी सेना द्वारा हथियारों का इस्तेमाल किए जाने पर भी चिंता जताई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी सेना द्वारा विस्फोटक हथियारों का इस्तेमाल किए जाने से आम लोगों को नुकसान पहुंच रहा है. रूसी सशस्त्र बल इस तरह की घटनाओं को लंबे समय से अंजाम दे रहे हैं.
यूएन की उच्च स्तरीय जांच समिति के अध्यक्ष एरिक मोस ने प्रेस को बताया कि रूस ने लगातार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है और भयंकर युद्ध अपराध में शामिल रहा है. उन्होंने आगे कहा कि प्राप्त किए गए सबूतों का अध्ययन करके यह तय किया जाएगा कि रूसी सैन्य बलों द्वारा किया गया कार्य मानवाधिकारों के उल्लंघन की किस श्रेणी में आएगा.
अपनी पिछली रिपोर्टों को आधार बनाते हुए यूएन के अधिकारियों ने कहा कि रूसी सेना ने व्यवस्थित तरीके से यातना और कठोर तरीकों से यूक्रेनी लोगों का दमन किया है. जांचकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने यूक्रेन की 16 अलग-अलग यात्राओं के दौरान 800 से अधिक लोगों से बात करने के बाद अपनी नई रिपोर्ट तैयार की है.
टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रूस का यूक्रेन के युद्धबंदियों के साथ व्यवहार बेहद भयानक था. रिपोर्ट में महिलाओं के साथ बलात्कार और यौन हिंसाओं का भी दस्तावेजीकरण किया गया है. रिपोर्ट में यौन यातना और युद्ध के पुरुष कैदियों को बलात्कार की धमकी देने का भी विवरण दिया गया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रूस ने यूक्रेनी बच्चों को भी अवैध रूप से रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया गया था.