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India Daily

यूक्रेन के ड्रोन हमले से रूस के प्रमुख गैस प्लांट में आग, धुएं के गुबार से भरा आसमान

Ukraine Drone Attack: यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूस के ओरेंबुर्ग गैस प्रोसेसिंग प्लांट में आग लग गई, जो दुनिया का सबसे बड़ा संयंत्र माना जाता है. रूस ने बताया कि हमले में किसी की जान नहीं गई और आग पर काबू पा लिया गया. रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 45 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए.

Anubhaw Mani Tripathi
यूक्रेन के ड्रोन हमले से रूस के प्रमुख गैस प्लांट में आग, धुएं के गुबार से भरा आसमान
Courtesy: x/ @BohuslavskaKate

Russian Gas Plant Fire: यूक्रेन द्वारा किए गए ड्रोन हमले में रूस के ओरेंबुर्ग क्षेत्र स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस प्रोसेसिंग प्लांट में आग लग गई. रविवार को क्षेत्र के गवर्नर येवगेनी सोलंतसेव ने बताया कि इस हमले से संयंत्र के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है. गवर्नर ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर लिखा कि ड्रोन हमले के बाद प्लांट के एक वर्कशॉप में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए आपातकालीन सेवाएं मौके पर मौजूद हैं. आग पर काबू पाने का काम तेजी से जारी है.

रूसी रक्षा मंत्रालय ने जारी किया बयान 

यह पहली बार है जब ओरेंबुर्ग गैस केमिकल कॉम्प्लेक्स का यह संयंत्र हमले की चपेट में आया है. यह संयंत्र रूस की सरकारी ऊर्जा कंपनी गजप्रोम (Gazprom) के अंतर्गत आता है और सालाना 45 अरब घन मीटर गैस प्रोसेस करने की क्षमता रखता है. यहां ओरेंबुर्ग तेल और गैस कंडेन्सेट क्षेत्र से आने वाली गैस के साथ-साथ कजाकिस्तान के काराचगनक क्षेत्र की गैस भी प्रोसेस की जाती है.

इस हमले के बाद रूस के अन्य क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. समीपवर्ती समारा क्षेत्र के गवर्नर व्याचेस्लाव फेडोरिशचेव ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि रातभर हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय रही और ड्रोन हमलों के कारण स्थानीय हवाई अड्डा तथा मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ अस्थायी रूप से निलंबित करनी पड़ीं.

रूसी रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए बताया कि रातभर में उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने कुल 45 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए. इनमें 12 ड्रोन समारा क्षेत्र में, 11 सारातोव क्षेत्र में और 1 ड्रोन ओरेंबुर्ग क्षेत्र में गिराया गया. यूक्रेन की ओर से इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. हालाँकि, यह ज्ञात है कि यूक्रेन अगस्त से रूस के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है ताकि मॉस्को की ईंधन आपूर्ति और राजस्व स्रोतों को प्रभावित किया जा सके.

रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष

पहले भी यूक्रेन ने समारा क्षेत्र की तेल रिफाइनरी पर हमले की कोशिश की थी. रूस के ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हमलों से गैस आपूर्ति प्रणाली पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है, क्योंकि ओरेंबुर्ग प्लांट रूस की घरेलू और निर्यात दोनों आवश्यकताओं के लिए अहम है. वहीं, मॉस्को ने देशभर में वायु सुरक्षा को और मजबूत करने के आदेश जारी किए हैं. रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक पहुँच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की संभावना है.