अब पुतिन के आलीशान ‘पैलेस’ पर मंडराया खतरा, यूक्रेन ने तबाह किया S-400 एयर डिफेंस

यूक्रेनी ड्रोन ने काला सागर तट पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलीशान आवास की सुरक्षा में तैनात रूसी S-400 सिस्टम को निशाना बनाया. यूक्रेन ने रूस के भीतर हमले तेज करने का दावा किया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध में अब हमलों का दायरा और गहरा होता दिखाई दे रहा है. यूक्रेनी ड्रोन ने दक्षिणी रूस में गेलेंदझिक के पास तैनात रूसी S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाने का दावा किया है. यह सिस्टम राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के काला सागर स्थित आलीशान आवास की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताया जाता है. यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद लॉन्चर कई घंटों तक आग की चपेट में रहा. इस कार्रवाई को रूस के भीतर बढ़ते ड्रोन अभियानों से जोड़कर देखा जा रहा है.

यूक्रेनी ड्रोन ने जिस S-400 लॉन्चर को निशाना बनाया, वह पुतिन के काला सागर स्थित आवास से करीब 12 मील दूर बताया गया है. यह प्रणाली विमान, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को रोकने के लिए बनाई गई है. यूक्रेन की मानव रहित प्रणाली बलों के कमांडर मेजर रॉबर्ट ब्रोवडी ने दावा किया कि हमले के बाद लॉन्चर करीब तीन घंटे तक आग में घिरा रहा.

सुरक्षा के लिए बना सिस्टम यूक्रेन पर ही बरसा

रिपोर्ट के मुताबिक, S-400 उस व्यापक सुरक्षा घेरे का हिस्सा था, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और मोबाइल फायर टीमें भी शामिल हैं. पुतिन के आवास के आसपास करीब 27 वर्ग मील का बफर जोन और स्थायी नो-फ्लाई जोन बताया जाता है. ब्रोवडी का आरोप है कि सुरक्षा के लिए तैनात इस सिस्टम का इस्तेमाल बाद में यूक्रेनी शहरों पर मिसाइल हमलों के लिए किया गया.


‘पुतिन पैलेस’ की आलीशान तस्वीर

गेलेंदझिक के पास मौजूद इस परिसर को अक्सर ‘पुतिन पैलेस’ कहा जाता है. 2021 में दिवंगत विपक्षी नेता अलेक्सी नवलनी से जुड़े संगठन ने इसकी भव्यता और कथित लागत को लेकर रिपोर्ट जारी की थी. परिसर में कथित तौर पर कैसीनो, अंगूर के बाग, स्पा, थिएटर, आइस रिंक, हुक्का लाउंज और अन्य सुविधाएं हैं. 2023 में यहां एक चैपल जोड़े जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी.

रूस के भीतर बढ़े यूक्रेनी ड्रोन हमले

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन ने रूस के भीतर सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की रणनीति तेज की है. यूक्रेनी खुफिया एजेंसी ने हाल में दो अन्य S-400 लॉन्चरों को नष्ट करने का दावा किया था. सोमवार रात रूस में सैकड़ों यूक्रेनी ड्रोन पहुंचने की रिपोर्ट भी सामने आई. तातारस्तान की एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाए जाने और कई लोगों की मौत की खबर भी आई.

ड्रोन हमलों से दबाव बढ़ाने की कोशिश

कीव का लक्ष्य रूस की सैन्य क्षमता और युद्ध की लागत बढ़ाकर मॉस्को पर बातचीत का दबाव बनाना है. यूक्रेन लंबे समय से मोर्चे पर संघर्षविराम और मौजूदा स्थिति को रोकने की मांग करता रहा है. हालांकि रूस ने ऐसी शर्तों को स्वीकार करने से इनकार किया है. रूसी उप विदेश मंत्री मिखाइल गालुजिन ने कहा कि संकट के मूल कारणों का समाधान किए बिना किसी तरह का ‘फ्रीज’ संभव नहीं है. ऐसे में ड्रोन युद्ध के साथ कूटनीतिक गतिरोध भी बना हुआ है.