नई दिल्ली: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाकों ने एक सरकारी स्कूल में घुसकर कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा मोहम्मद इकबाल की तस्वीरों का अपमान किया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में टीटीपी के लड़ाकों को जिन्ना की तस्वीर का अपमान करते हुए और गालियां देते हुए देखा गया. इस घटना ने पाकिस्तान में गुस्से और शर्मिंदगी दोनों को जन्म दिया है.
जानकारी के अनुसार, यह घटना खैबर पख्तूनख्वा के एक स्कूल की है, जिस पर हाल ही में टीटीपी के आतंकियों ने कब्जा कर लिया था. वीडियो में लड़ाके पश्तून भाषा में पाकिस्तान सरकार और नेताओं को गालियां देते दिखे. एक आतंकी ने मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर का अपमान किया जबकि दूसरे ने अल्लामा इकबाल की तस्वीर पर भी यही किया.
🚨 जिन्ना के देश में जिन्ना की हालत देखिए 🔥
— Madhurendra kumar मधुरेन्द्र कुमार (@Madhurendra13) November 3, 2025
💥अफगान समर्थित पाकिस्तानी तालिबान गुट HGB से जुड़े आतंकियों ने खैबर पख्तूनख्वा में एक सरकारी स्कूल पर कब्जा कर लिया।
🔥 जिन्ना और अल्लामा इक़बाल की तस्वीरों के साथ देखिए कैसे पेश आ रहे हैं 💣🇵🇰#Pakistan #TTP #KhyberPakhtunkhwa pic.twitter.com/KAo6p1sZPx
टीटीपी ने पिछले कुछ महीनों में खैबर पख्तूनख्वा के कई हिस्सों पर कब्जा जमा लिया है. पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में अब तालिबान समर्थित यह संगठन अपनी हुकूमत चला रहा है. वहां का स्थानीय प्रशासन और पाकिस्तानी सेना इन इलाकों में प्रवेश करने से बच रही है. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, टीटीपी ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर अपने ठिकाने मजबूत कर लिए हैं.
इस घटना के बाद पाकिस्तान की राजनीतिक और सुरक्षा एजेंसियों पर भी सवाल उठ रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान ने पहले अफगान तालिबान को समर्थन दिया, लेकिन अब वही विचारधारा उसके देश के भीतर फैल गई है. इस वीडियो के सामने आने के बाद पाकिस्तान सरकार और सेना के लिए यह एक बड़ी शर्मिंदगी बन गई है.
टीटीपी, जिसे पाकिस्तानी तालिबान कहा जाता है, पाकिस्तान में इस्लामिक कानून लागू करने की मांग करता है. यह संगठन अफगान तालिबान के वैचारिक रूप से करीब है, लेकिन इसका संचालन पाकिस्तान-अफगान सीमा क्षेत्र में केंद्रित है. पिछले एक साल में इसके हमलों में तेजी आई है और कई बार यह पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बना चुका है.
खैबर पख्तूनख्वा में अब स्थानीय लोग भय के माहौल में जी रहे हैं. पाकिस्तान सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. यह वीडियो पाकिस्तान की उस असलियत को उजागर करता है, जिसमें उसके ही बनाए आतंकी संगठन अब उसी के संस्थापक नेताओं का अपमान कर रहे हैं.