नई दिल्ली: वाशिंगटन में कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया इतिहास रच दिया है. उनका यह भाषण 1 घंटे 41 मिनट यानी कुल 101 मिनट तक चला, जो अब तक के सबसे लंबे स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन का रिकॉर्ड है. ट्रंप ने अपनी विदेश नीति को सबसे बड़ी सफलता बताया और दावा किया कि उन्होंने कई वैश्विक संघर्ष रोक दिए.
खासकर उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल मई में हुए चार दिवसीय सैन्य टकराव का जिक्र किया. ट्रंप का कहना था कि अमेरिकी हस्तक्षेप न होता तो दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध छिड़ जाता और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की जान जा सकती थी.
ट्रंप ने 101 मिनट तक लगातार बोलते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया. कांग्रेस हॉल में मौजूद सांसदों, न्यायाधीशों और अतिथियों के सामने उन्होंने कहा कि पिछले 10 महीनों में आठ युद्ध खत्म हो चुके हैं. भाषण के दौरान कई बार जोरदार तालियां बजीं. कुछ जगहों पर विपक्षी सांसदों ने विरोध जताया, लेकिन ट्रंप ने रुकने का नाम नहीं लिया.
ट्रंप ने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को सबसे बड़ा उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका की वजह से परमाणु युद्ध टल गया. ट्रंप ने दावा किया, '35 मिलियन लोग मानते हैं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मेरी वजह से जिंदा हैं.' उन्होंने इसे अपनी विदेश नीति की सबसे बड़ी जीत करार दिया और कहा कि बिना अमेरिकी दखल के स्थिति बहुत खतरनाक हो सकती थी.
राष्ट्रपति ने कहा कि 10 महीनों में दुनिया भर से आठ युद्ध खत्म हो चुके हैं. भारत-पाकिस्तान के अलावा उन्होंने अन्य क्षेत्रीय संघर्षों का भी जिक्र किया. ट्रंप का जोर था कि अमेरिका अब पहले से ज्यादा मजबूत और प्रभावशाली है. उन्होंने विदेश नीति को अपनी सरकार की सबसे मजबूत कड़ी बताया और कहा कि शांति स्थापित करने में उनकी भूमिका अहम रही है.
भाषण के दौरान रिपब्लिकन सांसदों ने खूब समर्थन दिखाया, जबकि डेमोक्रेट्स में से कई चुप रहे या असहमति जताई. ट्रंप के दावों पर बहस तेज हो गई है. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि भारत-पाक मामले में अमेरिका की भूमिका सीमित थी, लेकिन ट्रंप ने इसे बहुत बड़ा मुद्दा बनाकर पेश किया. यह भाषण मिडटर्म चुनावों से पहले उनकी छवि मजबूत करने की कोशिश लग रही है.