नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दो दिवसीय दौरे के लिए इजरायल रवाना हो गए हैं. यह उनका इजरायल का दूसरा राजकीय दौरा है. 2017 में पहली यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी का स्तर तय किया था. अब इस दौरे में रिश्तों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ में अपग्रेड किया जाएगा.
मोदी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नेतन्याहू से रक्षा, व्यापार, विज्ञान-तकनीक, कृषि, जल प्रबंधन और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे. दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे. इजरायल ने मोदी का स्वागत तैयारियों के साथ किया.
इजरायल ने पीएम मोदी के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया. इजरायल की संसद (नेसेट) को भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया. नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने रात की तस्वीर शेयर की है. पूर्व पीएम और विपक्षी नेता यैर लापिड ने हिंदी में लिखा कि मोदी इजरायल के सच्चे दोस्त हैं. पूरा इजरायल उनके आगमन को लेकर उत्साहित है. यह रिश्तों की गहराई और दोस्ती का प्रतीक है.
इस दौरे में भारत-इजरायल संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा मिलेगा. सूत्रों ने इसे अमेरिका और जर्मनी जैसी साझेदारी के बराबर बताया. दोनों देश संकट के समय एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं. अब इसे औपचारिक रूप दिया जाएगा. संयुक्त रूप से उन्नत रक्षा प्रणालियों का विकास और जरूरत पड़ने पर सहायता का समझौता होगा.
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#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi emplanes for Israel.
— ANI (@ANI) February 25, 2026
At the invitation of the Prime Minister of Israel, Benjamin Netanyahu, Prime Minister Narendra Modi will pay a State visit to Israel on February 25-26, 2026. This will be the second visit of the Prime Minister to… pic.twitter.com/8YH3VoJjDQ
मोदी का विमान तेल अवीव पहुंचते ही नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा स्वागत करेंगे. दोनों नेता एक-एकांत बैठक करेंगे. इसके बाद मोदी यरुशलम जाएंगे, जहां भारतीय समुदाय से मिलेंगे. वे नेसेट में विधायकों को संबोधित करेंगे. शाम को इजरायल की तकनीकी प्रदर्शनी देखेंगे. रात में नेतन्याहू उनके सम्मान में निजी भोज देंगे.
दोनों देश रक्षा और व्यापार में सहयोग बढ़ाने पर जोर देंगे. कई महत्वपूर्ण समझौते होंगे. मोदी ने कहा कि वे नए लक्ष्य तय करेंगे. विज्ञान, नवाचार, कृषि, जल प्रबंधन और लोगों के बीच संबंध मजबूत होंगे. यह दौरा दोनों देशों के बीच विश्वास और दोस्ती को और गहरा करेगा.