इमिग्रेशन नीति पर ट्रंप का बड़ा टकराव, कोर्ट को दी सीधी चुनौती-कहा इन फैसलों की समीक्षा का आपको कोई अधिकार नहीं
अमेरिका में इमिग्रेशन नीति को लेकर बड़ा टकराव सामने आया है. ट्रंप प्रशासन ने कोर्ट से साफ कहा है कि उनके फैसलों की समीक्षा का अधिकार न्यायपालिका के पास नहीं है. इस विवाद का असर लाखों अप्रवासियों पर पड़ सकता है और मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है.
अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर सरकार और अदालत के बीच टकराव गहरा गया है और मामला अस्थायी संरक्षित स्थिति यानी टीपीएस को खत्म करने से जुड़ा है. ट्रंप प्रशासन इस सुरक्षा को समाप्त करना चाहता है जबकि निचली अदालतों ने इस पर रोक लगा दी है और इसी को लेकर अब कानूनी लड़ाई तेज हो गई है.
ट्रंप ने कोर्ट से क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में साफ कहा है कि इमिग्रेशन नीति से जुड़े फैसले सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और अदालत को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. प्रशासन का मानना है कि इन फैसलों की न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती और यही इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है.
अदालत ने क्यों लगाई रोक?
न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन के संघीय न्यायाधीशों ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि टीपीएस खत्म करने से पहले जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. इसी आधार पर अदालत ने हैती और सीरिया के हजारों लोगों से कानूनी दर्जा छीनने पर रोक लगा दी है. इससे प्रशासन की योजना को झटका लगा है.
कितने लोग होंगे प्रभावित?
इस फैसले का असर लाखों लोगों पर पड़ सकता है. आंकड़ों के मुताबिक 3 लाख 50 हजार से ज्यादा हैती के नागरिक और करीब 6 हजार सीरियाई इस सुरक्षा के दायरे में आते हैं. अगर टीपीएस खत्म होता है तो इन लोगों को डिपोर्टेशन का खतरा हो सकता है. उनकी जिंदगी पर बड़ा असर पड़ेगा।
क्या है टीपीएस कानून?
टीपीएस एक ऐसी व्यवस्था है जिसके तहत युद्ध प्राकृतिक आपदा या संकट से जूझ रहे देशों के लोगों को अमेरिका में अस्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति दी जाती है. यह कानून 1990 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत बनाया गया था, ताकि ऐसे लोगों को सुरक्षा मिल सके जब उनके देश लौटना सुरक्षित न हो.
सुप्रीम कोर्ट में क्या होगा?
अब इस मामले पर सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट पर टिकी है, जहां जून के अंत तक बड़ा फैसला आ सकता है. इससे यह तय होगा कि सरकार के फैसलों पर अदालत की कितनी पकड़ होगी. क्या ट्रंप प्रशासन अपने फैसले लागू कर पाएगा या नहीं.
क्या बढ़ेगा टकराव आगे?
मामले ने अमेरिका की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और सरकार और न्यायपालिका के बीच यह टकराव आगे और बढ़ सकता है. अगर टीपीएस खत्म होता है तो लाखों लोगों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा. आने वाले समय में इसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।